जेहादी आतंकवाद


हदीस क्या सिखाती हैं !

डॉ0 संतोष राय

मुल्ले मौलवी कुरान के बाद हदीस को प्रमाण मानते हैं , और अक्सर सारे बेतुके फतवे इन्हीं हदीसों के आधार पर देते रहते हैं सुन्नी मुसलमान 6 हदीसों को सही मानते हैं . चूँकि हदीसों का साहित्य काफी विशाल है , इसलिए अधिकांश मुसलमान पूरी हदीसों से अनजान है . लोगों को यह भी पता नहीं है कि हदीसों में क्या लिखा है , उनका स्रोत क्या है , लेंकिन हदीसों का ठीक से अध्ययन करने से पता चलता है कि मुहम्मद साहब को चलते फिरते जो भी जानकारी मिलती थी , वह उसके बारे में जो भी बयान अपने साथियों के सामने देते थे , उनके साथी याद कर लेते थे .जिसे बाद में किताबों के रूप में जमा कर दिया गया था . अरबी में हदीस का बहुवचन " अहादीस " होता है . जिसका अर्थ बातें होता है .मुसलमान हदीस को धर्मग्रंथ इसलए मानते हैं , क्योंकि कुरान भी एक हदीस ही है , जैसा कि कुरान में कहा है ,यानि हदीस और कुरान एक ही बात है .कुरान में लिखा है ,
"اللَّهُ نَزَّلَ أَحْسَنَ الْحَدِيثِ كِتَابًا مُتَشَابِهًا مَثَانِيَ تَقْشَعِرُّ مِنْهُ   "39:23
"अल्लाह ने हदीस की सर्वोत्तम किताब उतारी है , जिसके सभी हिस्से आपस में जुड़े हुए हैं ,और बार बार दोहराए गए हैं . सूरा -अज जुमर 39 :23
यह हदीसें क्या सिखाती हैं , इसके कुछ नमूने दिए जा रहे हैं ,
1-रसूल की बन्दर बुद्धि
बन्दर सबकी नक़ल करते हैं , लेकिन रसूल ने बंदरों की नक़ल करके एक कानून बना दिया हो इस्लामी देशों में लागु है
अम्र बिन मैमून ने कहा कि मैंने देखा कि एक जगह कुछ बन्दर एक बंदरिया को घेर कर उसे पत्थर मार रहे थे , क्योंकि बंदरिया ने दूसरे बन्दर के साथ अवैध सम्भोग किया था , मैंने भी पत्थर मारा . और जब रसूल रसूल आये तो उन्होंने भी इतने पत्थर मारे कि बंदरिया मर गयी .
"حَدَّثَنَا نُعَيْمُ بْنُ حَمَّادٍ حَدَّثَنَا هُشَيْمٌ عَنْ حُصَيْنٍ عَنْ عَمْرِو بْنِ مَيْمُونٍ قَالَ رَأَيْتُ فِى الْجَاهِلِيَّةِ قِرْدَةً اجْتَمَعَ عَلَيْهَا قِرَدَةٌ قَدْ زَنَتْ ، فَرَجَمُوهَا فَرَجَمْتُهَا مَعَهُمْ . تحفة

“Sahih” Al-Bukhari Volume 5. Hadith #188

Bukhari Hadith (Arabic) Serial No.3849- 10790 ، 19178

2-औरतों की योनी में फ़रिश्ते घुसे
जो फ़रिश्ते कुरान की आयतें लाते थे अल्लाह उन्हीं को औरतों की योनी में घुसा देता था , जहाँ से वह दुआ करते रहते है ,
अनस बिन मलिक ने कहा कि रसूल ने बताया है , अल्लाह औरतों की योनी में फ़रिश्ते घुसा देता है. वह अन्दर घुसे हुए दुआ करते हैं " अल्लाह इस योनी में एक बूंद वीर्य टपका दे , जिस से अन्दर गोश्त का लोथड़ा जम जाये . तब अल्लाह बच्चा बना देता . और तय करता है कि , लड़का होगा या लड़की . , फिर अल्लाह बच्चे आयु , जीविका और धर्म तय कर देता है . और फ़रिश्ते सारा विवरण लिख लेते हैं .सारी योनी में ही तय हो जाती हैं
حَدَّثَنَا أَبُو النُّعْمَانِ حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ زَيْدٍ عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِى بَكْرِ بْنِ أَنَسٍ عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ – رضى الله عنه – عَنِ النَّبِىِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ « إِنَّ اللَّهَ وَكَّلَ فِى الرَّحِمِ مَلَكاً فَيَقُولُ يَا رَبِّ نُطْفَةٌ ، يَا رَبِّ عَلَقَةٌ ، يَا رَبِّ مُضْغَةٌ ، فَإِذَا أَرَادَ أَنْ يَخْلُقَهَا قَالَ يَا رَبِّ ، أَذَكَرٌ أَمْ يَا رَبِّ أُنْثَى يَا رَبِّ شَقِىٌّ أَمْ سَعِيدٌ فَمَا الرِّزْقُ فَمَا الأَجَلُ فَيُكْتَبُ كَذَلِكَ فِى بَطْنِ أُمِّهِ » . تحفة 1080
. “Sahih” Al-Bukhari Volume 8. Hadith No.594

Bukhari Hadith (Arabic) Serial No.3333-

3-चूहे पिछले जन्म के यहूदी हैं
वैसे तो मुसलमान पूर्व जन्म में विश्वास नहीं करते , लेकिन यहूदियों को नीचा दिखने के लिए चूहों को पूर्व जन्म का इस्राइली बता दिया .
अबू हुरैरा ने कहा कि रसूल ने बताया ,कि पराने ज़माने में इस्राइलियों का एक कबीला खो गया , जिसका आज तक पता नहीं चला . क्योंकि उस पर अल्लाह ने धिक्कार किया था . आजके चूहे वही इस्राइली है , काअब ने तीन बार रसूल से पूछा कैसे , तो रसूल ने कहा इसका सबूत यह है , अगर तुम चूहों को ऊंटनी का दूध पिलाओगे तो वह नहीं पियेंगे , और भेड़ का दूध तुरंत पी लेंगे .
حَدَّثَنَا مُوسَى بْنُ إِسْمَاعِيلَ حَدَّثَنَا وُهَيْبٌ عَنْ خَالِدٍ عَنْ مُحَمَّدٍ عَنْ أَبِى هُرَيْرَةَ – رضى الله عنه – عَنِ النَّبِىِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ « فُقِدَتْ أُمَّةٌ مِنْ بَنِى إِسْرَائِيلَ لاَ يُدْرَى مَا فَعَلَتْ ، وَإِنِّى لاَ أُرَاهَا إِلاَّ الْفَارَ إِذَا وُضِعَ لَهَا أَلْبَانُ الإِبِلِ لَمْ تَشْرَبْ ، وَإِذَا وُضِعَ لَهَا أَلْبَانُ الشَّاءِ شَرِبَتْ » . فَحَدَّثْتُ كَعْباً فقَالَ أَنْتَ سَمِعْتَ النَّبِىَّ صلى الله عليه وسلم يَقُولُهُ قُلْتُ نَعَمْ . قَالَ لِى مِرَاراً . فَقُلْتُ أَفَأَقْرَأُ التَّوْرَاةَ تحفة

Sahih” Al-Bukhari Volume 4. Hadith #524
Bukhari Hadith (Arabic) Serial No.3305-

4-औरतों को कैसे पटायें
यह हदीस सिखाती है कि जो चालाक औरतें आसानी से नहीं फंसती है , उनकी किसी कमजोरी का फायदा उठा कर उन से मजे लिए जा सकते हैं ,फिर वह काबू में आ सकती हैं .
अबू हुरैरा ने कहा कि रसूल ने बताया है , औरतें एक पसली (Rib ) कि तरह टेढ़ी होती है , अगर उनको सीधा करने की कोशिश करोगे तो वह टूट जायेंगी . इसलिए उनकी किसी चालाकी को पकड़ो , फिर उनके साथ जितना चाहो उतना मजा करो .
حَدَّثَنَا عَبْدُ الْعَزِيزِ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ قَالَ حَدَّثَنِى مَالِكٌ عَنْ أَبِى الزِّنَادِ عَنِ الأَعْرَجِ عَنْ أَبِى هُرَيْرَةَ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ « الْمَرْأَةُ كَالضِّلَعِ ، إِنْ أَقَمْتَهَا كَسَرْتَهَا ، وَإِنِ اسْتَمْتَعْتَ بِهَا اسْتَمْتَعْتَ بِهَا وَفِيهَا عِوَجٌ »

Sahih” Al-Bukhari Volume 7. Hadith #113

Bukhari Hadith (Arabic) Serial No.5184-

5-पेशाब करने का रसूली तरीका
रसूल हमेशा दोहरी नीति अपनाते थे , वह दूसरों के जिस काम को गुनाह बताते थे , वही काम खुद करते और करवाते थे , देखिये
दूसरों के लिए यह कानून है ,
अबू हुजैफा ने कहा कि अबू वैल और अबू मूसा अल अशरी ने रसूल से पेशाब करने के बारे में सवाल किया , तो रसूल ने कहा अगर कोई बनी इस्राइल का आदमी खड़े होकर पेशाब करे , और उसके छींटे कपड़ों पर गिरें , तो उसका उतना कपड़ा काट डालो .
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَرْعَرَةَ قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ عَنْ مَنْصُورٍ عَنْ أَبِى وَائِلٍ قَالَ كَانَ أَبُو مُوسَى الأَشْعَرِىُّ يُشَدِّدُ فِى الْبَوْلِ وَيَقُولُ إِنَّ بَنِى إِسْرَائِيلَ كَانَ إِذَا أَصَابَ ثَوْبَ أَحَدِهِمْ قَرَضَهُ . فَقَالَ حُذَيْفَةُ لَيْتَهُ أَمْسَكَ ، أَتَى رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم سُبَاطَةَ قَوْمٍ فَبَالَ قَائِماً
Sahih Bukhari – Vol 1, Book 4. Ablutions (Wudu’). Hadith 226.
अपनों के लिए यह कानून
अबू हुजैफा ने कहा कि मैंने देखा कि रसूल आये और सब लोगों के सामने खड़े होकर एक ढेर पर पेशाब करने लगे. और उनके पीछे मैं भी खड़ा हो गया .
حدثنا عبد الله حدثني أبي ثنا أبو نعيم ثنا يونس يعنى بن إسحاق عن أبي إسحاق عن نهيك عن عبد الله السلولي ثنا حذيفة قال : رأيت رسول الله صلى الله عليه وسلم أتى سباطة قوم فبال قائما
Sahih Bukhari –Vol 1, Book 4. Ablutions (Wudu’). Hadith 225.

6-हदीसों का पाखण्ड
काफी समय से कुछ मुस्लिम लडके यह प्रचार कर रहे हैं कि इस्लाम अपने माता पिता की आज्ञा पालन करने कि शिक्षा देता है , और एक हदीस दिखाते है जिसमे कहा है
"الجنة تحت أقدام من والدتنا "
" माता के कदमों के नीचे जन्नत होती है "
Ibn Majah, Sunan, Hadith no. 2771).

लेकिन यह हदीस केवल दिखावा है , क्योंकि कुरान में इस से उलटी बात लिखी है ,कुरान में कहा है
"अगर तेरे माता पिता तुझ पर किसी ऐसी बात को मानने पर दवाब डालें , जो तुझे पसंद नहीं हो , तो तू उनकी बात नहीं मानना "
सूरा -लुकमान 31 :15
7-हदीसों में सेक्स की दावत
आज भी कुछ लोग इस भ्रम में पड़े हुए है , कि शायद मुहम्मद साहब ने हदीसों में ऐसी ज्ञान और अध्यात्म कि बातें कही होंगी ,जिन से प्रभावित होकर लोग इस्लाम स्वीकार कर रहे हैं ,लेकिन ऐसा नहीं है . हदीसों में केवल सेक्स की दावत दी जाती है , जैसा कि दिए गए विडियो में एक मुल्ला दे रहा है मस्जिद मेँ दी जा रही वाहियात तालीम की एक झलक

http://www.youtube.com/watch?v=zy0J6ZfpQns&feature=share

" मुल्ला कह रहा है " मुसलमानों तुम अपनी इन पुरानी मैली कुचैली औरतों के चक्कर में नहीं पड़ो , रसूल ने उम्हरे लिए ऐसी औरतों का इंतजाम कर रखा है , जो सदा जवान रहेंगी , उनके कपड़ों के अन्दर उनके सभी अंग दिखेंगे , वह सदा पलंग पर सम्भोग के लिए तैयार रहेंगी . इसलिए तुम्हें पचास मर्दों के बराबर ताकत दी जाएगी . फिर जैसे ही एक औरत निपट जाएगी तुरंत दूसरी आ जाएगी . जन्नत में सिर्फ यही काम चलता रहेगा ."
.बड़े अफसोस कि बात है शिक्षा के नाम पर ऐसी बातें सरकारी अनुदान से चलने वाले मदरसों में पढ़ाई जाती हैं .जिनमे मुस्लिम लड़कियाँ भी तालीम लेती है .
क्या ऐसी हदीसें मुस्लिम लड़कों को " जिगोलो (Gigolo ) लड़कियों को वेश्या नहीं बना रही है ? जवाब दीजिये

.http://www.websrilanka.com/category/bukhari/





हराम और हलाल इस्लाम का कमाल !

डॉ0 संतोष राय

सभी लोग अच्छी तरहसे जानते हैं कि भारत के मुसलमान हमेशा "वन्देमातरम " का विरोध करते हैं . और कहते हैं कि ऐसा बोलना हराम है .यानि पाप है .इस्लाम में जायज -नाजायज ,वैध -अवैध अर्थात हलाल और हराम की बड़ी विचित्र और तर्कहीन अवधारणा है ,जो कुरान ,हदीसों ,और मुफ्तियों द्वारा समय समय पर दिए फतवों के आधार पर तय की जाती है . जिसे मानना हर मुसलमान के लिए अनिवार्य होता है . वर्ना उसे काफ़िर समझा जाता है .इसलिए मुसलमान हमेशा हर विषय हराम और हलाल के आधार पर ही तय करते हैं , चाहे वह देश के संविधान या कानून के विरुद्ध ही क्यों न हो .वह विना समझे अंधे होकर उसका पालन करते हैं .
इस संक्षिप्त से लेख में कुरान ,हदीसों ,फतवों ,और समाचारों में प्रकाशित खबरों से चुन कर एक दर्जन ऐसे मुद्दे दिए जा रहे हैं , जिनको पढ़ कर प्रबुद्ध पाठक ठीक से समझ जय्र्गे कि इस्लाम के अनुसार हराम क्या है ,और हलाल क्या है .
1 -अल्लाह का नाम लिए बिना जानवर को मारना हराम है .
लेकिन जिहाद के नाम से हजारों इंसानों का क़त्ल करना हलाल है .

2-यहूदियों ,ईसाइयों से दोस्ती करना हराम है .
लेकिन यहूदियों ,ईसाईयों का क़त्ल करना हलाल है .
3-टी वी और सिनेमा देखना हराम है .
लेकिन सार्वजनिक रूप से औरतों को पत्थर मार हत्या करते हुए देखना हलाल है .
4-किसी औरत को बेपर्दा देखना हराम है .
लेकिन किसी गुलाम औरत को बेचते समय नंगा करके देखना हलाल है .
5-शराब का धंदा करना हराम है .
लेकिन औरतों ,बच्चों को गुलाम बना कर बेचने का धंदा हलाल है .
6-संगीत सुनना हराम है .
लेकिन जिहाद के कारण मारे गए निर्दोष लोगों के घर वालों की चीख पुकार सुनना हलाल है .
7घोड़ों की दौड़ पर दाव लगाना हराम है .
लेकिन काफिरों के घोड़े चुरा कर बेचना हलाल है
8-औरतों को एक से अधिक पति रखना हराम है .
लेकिन मर्दों लिए एक से अधिक पत्नियाँ रखना हलाल है .
9-चार से अधिक औरतें रखना हराम है .
लेकिन अपने हरम में सैकड़ों रखेंलें रखना हलाल है .
10किसी मुस्लिम का दिल दुखाना हराम है .
लेकिन किसी गैर मुस्लिम सर कटना हलाल है .
11-औरतों के साथ व्यभिचार करना हराम है .
लेकिन जिहाद में पकड़ी गयी औरतों के साथ सामूहिक बलात्कार करना हलाल है .
12-जब किसी औरत की पत्थर मार कर हत्या की जारही हो ,तो उसे बचाना हराम है .
जब उसी अपराध के लिए औरत को जिन्दा जलाया जा रहा हो ,तमाशा देखना हलाल है .
इन थोड़े से मुद्दों को ध्यान से पढ़ने से उन लोगों की आँखें खुल जाना चाहिए तो इस्लाम को शांति का धर्म समझ बैठे हैं .इसलिए "भंडाफोडू " ब्लॉग पिछले चार सालों से अपने प्रमाण सहित लेखों के माध्यम से देश प्रेमी लोगों को इस्लाम से सचेत करता आया है . ताकि भूले से भी कोई व्यक्ति जकारिया नायक जैसे धूर्त के जाल में नहीं फसे .जिनको भी इस लेख के सम्बन्ध में इस्लामी किताबों के प्रमाण चाहिए वह "भंडाफोडू " के सभी लेख पढ़ने का कष्ट करें .
ऐसे कमाल के तर्कहीन इस्लाम से जितनी दूरी बनाये रखोगे उतने ही निरापद रहोगे !!

http://www.faithfreedom.org/Articles/AyeshaAhmed20729.htm


2 comments:

Saurabh Sharma said...

Latest Post From Bhandafodu(Shri B. N. Sharma Ji)

भारत में 21 प्रतिशत मुस्लिम अपराधी
अपने 60 साल के शासन ने कांग्रेस ने भारतीयों को सेकुलरज्म का ऐसा रोग लगा दिया कि उनकी बुद्धि में लकवा मार गया , वह मान बैठे हैं कि अपराधियों का कोई धर्म नहीं होता , और मुसलमान कभी अपराधी या आतंकी नहीं हो सकते , फिर भी जब मुस्लिम अपराधी पकड़े जाते हैं तो भी अखबार और टी वि वाले उनको मुस्लिम की जगह एक समुदाय कहते हैं , ऐसे बहुत कम लोग हैं जो निडर होकर आतंकियों को मुसलमान कह देते हैं ,

भारत सरकार,गृह मंत्रालय के संलग्‍नक कार्यालय नई दिल्‍ली स्थित राष्‍ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्‍यूरो(National Crime Records Bureau )द्वारा भारत की पुलिस के आधुनिकीकरण हेतु भारतीय पुलिस को सूचना प्रौद्योगिकी में सशक्‍त करने का अधिदेश राष्‍ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्‍यूरो को दिया गया है ।

रा.अ.रि.ब्‍यू.(N.C.R.B.)देश भर में "अपराध अपराधी सूचना प्रणाली (अ.अ.सू.प्र.)के अंतर्गत प्रत्‍येक राज्‍य अपराध रिकार्ड ब्‍यूरो एवं जिला अपराध रिकार्ड ब्‍यूरो में 762सर्वर-आधारित कम्‍प्‍यूटर सिस्‍टम स्‍थापित कर चुका है,ताकि अपराध,अपराधियों से संबंधित राष्‍ट्रीय स्‍तर डाटा बेस को व्‍यवस्थित किया जा सके .

ब्यूरो के अनुसार देश की जेलों में सजा काट रहे कुल कैदियों (3.85 लाख) में से केवल मुस्लिम अपराधियों की संख्या 53 हजार 836 (21 प्रतिशत) हैं | इसमें भी उत्तर प्रदेश के जेलों में ही मुस्लिम कैदियों की संख्या देश में सबसे ज्यादा है, उसके बाद बिहार, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल का स्थान है।

सिख अपराधियों की संख्या (सजायाफ्ता और विचाराधीन) 4 प्रतिशत है।
और देश की जनसंख्या में दो प्रतिशत की भागीदारी करने वाले क्रिश्चियन का (सजायाफ्ता और विचाराधीन) कैदियों आंकड़ा भी 4 प्रतिशत है।
जबकि भारत की कुल जनसंख्या का 84 प्रतिशत हिन्दू हैं ,फिर भी अपराधों में संलिप्तता का औसत प्रतिशत 7% के आसपास हैं ,क्योंकि भारत के जेलों में बंद (सजायाफ्ता और विचाराधीन) कैदियों में से 7.4 फीसदी हिन्दू हैं .

यानी कहने का मतलब यह कि देश का हरेक 16वां व्यक्ति मुस्लिम है, लेकिन देश में होने वाले 100 अपराधों में 21 अपराध मुस्लिमों द्वारा ही किये जाते हैं .
अपराधों के इन आंकड़ों को देख कर देशभक्त हिन्दुओं को सचेत होने की जरुरत है , क्योंकि जिस देश की कुल आबादी का लगभग पांचवां भाग अपराधी ( मुसलमान ) हो ,उसकी सुरक्षा और अखंडता हमेशा ही खतरे में बनी रहेगी , और यह खतरा और भी गंभीर हो जायेगा जब इस बात को मान लिया जाये कि अपराधियों और आतंकियों का कोई धर्म नहीं होता। जबकि यह एक अकाट्य सत्य है कि अपराध और मुसलमान पर्यायवाची शब्द हैं . ब्यूरो में दिए गए मुसलमानों द्वारा किये गए अपराधों का वर्गीकृत विश्लेषण करने से पता चलता है कि मुसलमान , चोरी , डकैती ,लूट ,हत्या , बलात्कार जैसे सामाजिक अपराधों के आलावा पाकिस्तान के लिए जासूसी , देश में तोड़फोड़ ,सम्प्रदायवादी दंगे , बम विस्फोट जैसे अपराधों में संलग्न पाये गए हैं ,जो स्पष्ट रूप में देश द्रोह है , लेकिन जीतनी भी राजनीतिक पार्टियां हैं वह मुस्लिम वोटों के लिए सेकुलरिज्म की आड़ में इस सत्य को स्वीकार नहीं करती , क्योंकि जो भी यह बात कहता , या लिखता है ,उस पर सम्प्रदायवादी , होने का लेबल लगा दिया जाता है .
ऊपर से मुस्लिम विद्वान और नेता सेकुलरिज्म का ऐसा पाखण्ड करते है ,कि जैसे यही लोग सेकुलरज्म के ठेकेदार है. जबकि वास्तव में मुसलमान सेकुलरिज्म के दुश्मन है , इस बात की सत्यता की जाँच करने के लिए किसी भी मुस्लिम से पूछिये कि वह किसी भी ऐसे मुस्लिम देश का नाम बताये जहां सेकुलर सरकार हो , और गैर मुस्लिमों को वही अधिकार प्राप्त हों , जो वहां के मुस्लिमों को हों ,
क्या सेकुलरिज्म का ठेका सिर्फ हिन्दुओं ने ले रखा है? यह अनादि काल हमारा देश है , हम सेकुलरिज्म के बहाने मुस्लिम तुष्टिकरण और उनकी राष्ट्र विरोधी चालों को सफल नहीं देंगे

जय हिन्दू राष्ट्र !

Saurabh Sharma said...

Latest Post From BHANDAFODU(B.N. Sharma Ji)

भारत में 21 प्रतिशत मुस्लिम अपराधी

अपने 60 साल के शासन ने कांग्रेस ने भारतीयों को सेकुलरज्म का ऐसा रोग लगा दिया कि उनकी बुद्धि में लकवा मार गया , वह मान बैठे हैं कि अपराधियों का कोई धर्म नहीं होता , और मुसलमान कभी अपराधी या आतंकी नहीं हो सकते , फिर भी जब मुस्लिम अपराधी पकड़े जाते हैं तो भी अखबार और टी वि वाले उनको मुस्लिम की जगह एक समुदाय कहते हैं , ऐसे बहुत कम लोग हैं जो निडर होकर आतंकियों को मुसलमान कह देते हैं ,

भारत सरकार,गृह मंत्रालय के संलग्‍नक कार्यालय नई दिल्‍ली स्थित राष्‍ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्‍यूरो(National Crime Records Bureau )द्वारा भारत की पुलिस के आधुनिकीकरण हेतु भारतीय पुलिस को सूचना प्रौद्योगिकी में सशक्‍त करने का अधिदेश राष्‍ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्‍यूरो को दिया गया है ।

रा.अ.रि.ब्‍यू.(N.C.R.B.)देश भर में "अपराध अपराधी सूचना प्रणाली (अ.अ.सू.प्र.)के अंतर्गत प्रत्‍येक राज्‍य अपराध रिकार्ड ब्‍यूरो एवं जिला अपराध रिकार्ड ब्‍यूरो में 762सर्वर-आधारित कम्‍प्‍यूटर सिस्‍टम स्‍थापित कर चुका है,ताकि अपराध,अपराधियों से संबंधित राष्‍ट्रीय स्‍तर डाटा बेस को व्‍यवस्थित किया जा सके .

ब्यूरो के अनुसार देश की जेलों में सजा काट रहे कुल कैदियों (3.85 लाख) में से केवल मुस्लिम अपराधियों की संख्या 53 हजार 836 (21 प्रतिशत) हैं | इसमें भी उत्तर प्रदेश के जेलों में ही मुस्लिम कैदियों की संख्या देश में सबसे ज्यादा है, उसके बाद बिहार, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल का स्थान है।

सिख अपराधियों की संख्या (सजायाफ्ता और विचाराधीन) 4 प्रतिशत है।
और देश की जनसंख्या में दो प्रतिशत की भागीदारी करने वाले क्रिश्चियन का (सजायाफ्ता और विचाराधीन) कैदियों आंकड़ा भी 4 प्रतिशत है।
जबकि भारत की कुल जनसंख्या का 84 प्रतिशत हिन्दू हैं ,फिर भी अपराधों में संलिप्तता का औसत प्रतिशत 7% के आसपास हैं ,क्योंकि भारत के जेलों में बंद (सजायाफ्ता और विचाराधीन) कैदियों में से 7.4 फीसदी हिन्दू हैं .

यानी कहने का मतलब यह कि देश का हरेक 16वां व्यक्ति मुस्लिम है, लेकिन देश में होने वाले 100 अपराधों में 21 अपराध मुस्लिमों द्वारा ही किये जाते हैं .
अपराधों के इन आंकड़ों को देख कर देशभक्त हिन्दुओं को सचेत होने की जरुरत है , क्योंकि जिस देश की कुल आबादी का लगभग पांचवां भाग अपराधी ( मुसलमान ) हो ,उसकी सुरक्षा और अखंडता हमेशा ही खतरे में बनी रहेगी , और यह खतरा और भी गंभीर हो जायेगा जब इस बात को मान लिया जाये कि अपराधियों और आतंकियों का कोई धर्म नहीं होता। जबकि यह एक अकाट्य सत्य है कि अपराध और मुसलमान पर्यायवाची शब्द हैं . ब्यूरो में दिए गए मुसलमानों द्वारा किये गए अपराधों का वर्गीकृत विश्लेषण करने से पता चलता है कि मुसलमान , चोरी , डकैती ,लूट ,हत्या , बलात्कार जैसे सामाजिक अपराधों के आलावा पाकिस्तान के लिए जासूसी , देश में तोड़फोड़ ,सम्प्रदायवादी दंगे , बम विस्फोट जैसे अपराधों में संलग्न पाये गए हैं ,जो स्पष्ट रूप में देश द्रोह है , लेकिन जीतनी भी राजनीतिक पार्टियां हैं वह मुस्लिम वोटों के लिए सेकुलरिज्म की आड़ में इस सत्य को स्वीकार नहीं करती , क्योंकि जो भी यह बात कहता , या लिखता है ,उस पर सम्प्रदायवादी , होने का लेबल लगा दिया जाता है .
ऊपर से मुस्लिम विद्वान और नेता सेकुलरिज्म का ऐसा पाखण्ड करते है ,कि जैसे यही लोग सेकुलरज्म के ठेकेदार है. जबकि वास्तव में मुसलमान सेकुलरिज्म के दुश्मन है , इस बात की सत्यता की जाँच करने के लिए किसी भी मुस्लिम से पूछिये कि वह किसी भी ऐसे मुस्लिम देश का नाम बताये जहां सेकुलर सरकार हो , और गैर मुस्लिमों को वही अधिकार प्राप्त हों , जो वहां के मुस्लिमों को हों ,
क्या सेकुलरिज्म का ठेका सिर्फ हिन्दुओं ने ले रखा है? यह अनादि काल हमारा देश है , हम सेकुलरिज्म के बहाने मुस्लिम तुष्टिकरण और उनकी राष्ट्र विरोधी चालों को सफल नहीं देंगे

जय हिन्दू राष्ट्र !