Friday, July 29, 2011

बालकृष्‍ण के पीछे पड़े हो सुब्‍बाराव को कब गिरफ्तार करोगे?

प्रस्‍तुति-डॉ0 संतोष राय

हाँ यही बात है...यह सब केन्द्र सरकार के इशारे पर जन आवाज को कुचलने की कवायद है.....आचार्य बाल कृष्ण कोई सरकारी कर्मचारी थोड़े ही हैं जो उनके शैक्षिक प्रमाण पत्रों की जांच की जानी चाहिए....यह अवैध कार्य है...
बाबा रामदेव के सहयोगी आचार्य बालकृष्ण से कहीं ज्यादा गंभीर आरोप असम से कांग्रेस के पूर्व सांसद एम. के. सुब्बा पर हैं। कांग्रेसी सांसद सुब्बा की भारतीय नागरिकता पर सवाल उठाते हुए सीबीआई चार्जशीट तक दायर कर चुकी है। इसके बावजूद सिर्फ एफआईआर के बाद बालकृष्ण का पासपोर्ट रद्द कराने पर आमदा सीबीआई ने सुब्बा का पासपोर्ट रद्द कराने की कोई कोशिश नहीं की है। इससे सीबीआई ने साबित कर दिया है कि वह स्वतंत्र जांच एजेंसी नहीं, बल्कि केंद्र सरकार के इशारे पर काम करने वाला संगठन है। सीबीआई ने अभी तक बालकृष्ण की भारतीय नागरिकता पर उंगली नहीं उठाई है। उनपर केवल पासपोर्ट ऑफिस में जमा की गईं शैक्षिक डिग्रियों के फर्जी होने के प्रमाण हैं।
वहीं, सुब्बा के मामले में सीबीआई ने अदालत में चार्जशीट दाखिल कर उनके भारतीय नागरिक नहीं होने का प्रमाण पेश किया है। इसके बावजूद आज तक सीबीआई ने सुब्बा का पासपोर्ट रद्द करने के लिए विदेश मंत्रालय से अनुरोध करने की जरूरत नहीं समझी। सीबीआई की चार्जशीट के बावजूद सुब्बा न सिर्फ अपना बिजनेस आराम से चला रहे हैं, बल्कि एक पूर्व सांसद को मिलने वाले सुविधाओं का लाभ भी ले रहा है। इस मामले में सीबीआई का दोहरापन इस बात से भी साफ हो जाता है कि बालकृष्ण के फर्जी पासपोर्ट में तत्काल कार्रवाई शुरू हो गई लेकिन सुब्बा के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने में एक दशक से भी ज्यादा समय लग गया। लंबे समय तक सुब्बा के मामले में निष्क्रिय रहने पर सीबीआई को सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गंभीरता से जांच शुरू करनी पड़ी। बाद में अदालत के निर्देश पर ही उसने चार्जशीट भी दाखिल की।

Wednesday, July 27, 2011

सोनिया और राहुल की डिग्रियां भी फर्जी हैं

प्रस्‍तुतिः विकास सैनी

बंधूओं,
सोनिया की ही नहीं, राहुल की डिग्री भी फर्जी है. लेकिन मुख्यधारा की सेकुलर मीडिया जानबूझकर खामोश है.

- सोनिया के फर्जीवाड़े बारे में डॉक्टर सुब्रमण्यम स्वामी और मशहूर ब्लोगर श्री सुरेश चिपलूनकर ने काफी अधिकृत और तार्किक ढंग से लिखा है. जो उनकी साईट और ब्लॉग पर उपलब्ध है.

- सोनिया की काली करतूतों की  असलीयत सामने लाने के लिए हमें सुनियोजित तरीके से काम करना होगा:

1. आपने देखा होगा की सेकुलरवाद का वास्ता देकर अधिकाँश बिकाऊ मीडिया सोनिया के साथ खडा रहता है. दरअसल ये मीडिया सेकुलरवादी नहीं बल्कि 'फईवादी' (पाकिस्तानी लोबीइस्ट गुलाम नबी फई से खैरात पानेवाले) हैं. इसमे दिलीप पाडगांवकर, कुलदीप नैयर तो बेनकाब हो चुके हैं. बुर्का दत्त, प्रभु चावला, और राजदीप सरदेसाई की फूहड़ पत्रकारिता भी हमने देख ली है. ऐसे दर्जनों पत्रकार, बुद्धीजीवी, लेखक और साहित्यकार हैं, जो खाड़ी देशों, पाकिस्तान और चर्च से खैरात पाकर हिन्दू, हिन्दी और हिन्दुस्तान को दिन-रात कोसते रहते हैं। इसलिए सबसे पहले इन बिकाऊ और भारत विरोधी मीडियाकर्मियों को बेनकाब, बहिष्कार और विरोध करना होगा।

2. सेकुलर मीडिया को करारा जवाब देने के लिए एक राष्ट्रवादी न्यूज चैनल होना चाहिए। बाबा रामदेव, राष्ट्रवादी लोगों (निवेशक) और संघ को इसमे आगे आना चाहिए।

3. सोनिया/कोंग्रेस को बेनकाब करने के लिए हो सके तो उतनी RTI डालकर खुलासे होने चाहिए।

4. बाबा रामदेव,संघ और अन्ना (अग्निवेश जैसे दलालों को छोड़कर) सहित (कोंग्रेस-सोनिया) की नाक में दम करने वाले हर (व्यक्ति-आन्दोलन) को एकजुट होकर समर्थन दे।

5. अपने दैनिक जीवन में भी दिन में कम से कम (एक-दो-पांच) लोगो से रूबरू वार्ता-चर्चा करते हुए कोंग्रेस के भ्रष्टाचार,महंगाई,सोनिया की निर्दयता आदि के बारे में जगाने का काम करना चाहिए।

6. अपने आस-पास के तमाम कोंग्रेस-सोनिया विरोधी लोगो को वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने में मदद करें। चुनाव के दौरान सक्रीय रहें और निर्धन बस्तियों में दारु के साथ नोट बाँटनेवाली कोंग्रेस के मंसूबो पे पाने फेरें।

7. यह समूह सही दिशा में काम कर रहा है. ऐसे प्रयासों को समर्थन दे
बाकी मन में विश्वास रखें, परिवर्तन जरूर होगा। सोनिया के साथ सत्ता के दलाल है,लेकिन श्री रामदेव के साथ भारत माँ के लाल हैं। और भारत माँ के असली लाल को ही संघर्ष करना पड़ता है। भगत सिंह, राजगुरु,सावरकर का उदाहरण सामने है।

सत्ता के दलाल सत्ता की अय्याशियां करते हैं...नेहरू,सोनिया, दिग्‍गी का उदाहरण भी सामने हैं, लेकिन याद रखियेगा। आनेवाली पीढियां राणाप्रताप को ही नमन करती हैं, किसी मानसिंह या जयचंद को नहीं।
आभार सह ..
जीत भार्गव.
http://secular-drama.blogspot.com/


वयं तुभ्यं बलिहृतः स्याम । - अथर्व० १२.१.६२
हम सब मातृभूमि के लिए बलिदान देने वाले हों ।

सोनिया को कसाब अफजल गुरू से मोहब्‍बत है


फेसबुक  पर अभय प्रताप सिंह यादव कुछ इस प्रकार सोनिया गांधी  को कांग्रेस का प्रचार करते हुये  दिखा  रहे  हैं- अगले चुनाव में कांग्रेस के उम्‍मीदवार सोनिया गांधी व कांग्रेसियों के हृदय सम्राट और भारत में घुसकर हमला करने  वाले, सड़कों पर लोगों की जान लेने वाले वाले, पुलिस व सैनिकों  के सीने पर गोली चलाने वाले, कई महिलाओं को विधवा करने वाले, आपके बच्‍चों को अनाथ करने वाले अजमल आमीर कसाब.

गोडसे पर फिल्म की तैयारियां पूरी, शूटिंग जल्दी शुरू होगी

फिल्‍म निर्माता डॉ0 संतोष राय कथाकार सुनील प्रभाकर


मुंबई। नथूराम गोडसे के जीवन के सच को सामने लाने की कोशिश में उन पर एक फिल्म बनाने की तैयारियां पूरी हो गई है। ब्रह्मर्षि फिल्म्स के बैनर तले बनने वाली फिल्म गोडसेसे प्रोड्यूसर के रूप में डॉ संतोष राय भी फिल्म निर्माण की शुरूआत कर रहे हैं। गोडसेकी कथा, पटकथा, और डायलॉग जाने माने कथाकार सुनील प्रभाकर ने लिखे हैं। डॉ. संतोष राय के मुताबिक गोडसेमें नथूराम गोडसे की असल जीवनी का चित्रण होगा। गोडसेपर इस फिल्म के निर्माण की घोषणा करते हुए में फिल्म के निर्माता डॉ संतोष राय ने बताया कि नथूराम गोडसे के जीवन के वास्तविक सच और अनछूए पहलूओं को पेश किया जाएगा। गोडसे को फांसी पर चढ़ाए जाने के दिन से ही इस फिल्म की शुरूआत हो रही है। डॉ. राय के मुताबिक गोडसेके निर्माण के लिए पिछले तीन साल से चल रही तैयारियों को अब अंतिम रूप दे दिया गया है। कथाकार सुनील प्रभाकर ने बताया कि चार साल से वे इस विषय पर काम कर रहे हैं। निर्माता डॉ संतोष राय का कहना है कि इस फिल्म को देखने के बाद लोग गांधी की हत्या के अलावा भी गोडसे के जीवन को पहलुओं को जानेंगे।
डॉ संतोष राय का कहना है कि गांधी की हत्या तो गोडसे के जीवन में आखरी बात थी, उसके अलावा भी गोडसे ने बहुत लंबा जीवन जिया, वही इस फिल्म में दिखाया जाएगा। अगले कुछ ही दिनों में फिल्म की स्टार कास्ट सहित निर्देशक और संगीतकार की भी घोषणा कर दी जाएगी। यह फिल्म चार महीने में बनकर तैयार हो जाएगी। गोडसेफिल्म में नथूराम गोडसे के जीवन के बारे में सारी बातों को पूरी सच्चाई के साथ देश के समक्ष पेश किया जाएगा।


Monday, July 25, 2011

दिग्विजय सिंह गद्दारों का वंशज :ह्त्या का आरोपी !!

बी.एन. शर्मा

प्रस्‍तुति- डॉ0 संतोष राय

 


मनुष्य को जैसे संस्कार अपने पुरखों से मिलते हैं ,उसके अनुरूप ही उसका स्वभाव ,चरित्र और विचार बन जाते हैं .यह एक निर्विवाद सत्य है .और दिग्विजय के ऊपर पूरी तरह से लागू होती है .दिग्विजय खुद को प्रथ्वी राज चौहान का वंशज बताता है .लेकिन इसका कोई प्रमाण नहीं मिलता है .दिग्विजय क्षत्रिओं की एक उपजाति "खीची "से सम्बंधित है .इसका विवरण "खीची इतिहास संग्रह "में मिलता है .इसके लेखक A .H .Nizami और G .S .Khichi है .पुस्तक का संपादन R .P .Purohit ने किया है .किताब "खिची शोध संस्थान जोधपुर "से प्रकाशित हुई थी .एक और पुस्तक "Survay of khichii History "में खीचियों के बारे में जानकारी मिलती है .खिची धन लेकर किसी राजा के लिए युद्ध करते थे .आज दिग्विजय खुद को मध्य प्रदेश में गुना जिला के एक छोटी सी रियासत "राघोगढ़ "का राजा कहता है .उसके चमचे उसे दिग्गी राजा पुकारते है . 
1 -दिग्विजय का पूर्वज कौन था 
पुस्तक के अनुसार दिग्विजय के हाथों जो रियासत मिली एक "गरीब दास "नामके सैनिक को अकबर ने दी थी .जब राजपुताना और मालवा के सभी क्षत्रिय राणा प्रताप के साथ हो रहे थे .गरीब दास अकबर के पास चला गया .अकबर ने उसकी सेवा से प्रसन्न होकर मालवा के सूबेदार को हुक्म भेजा की गरीब दास को एक परगना यानि पांच गाँव दे दिए जाएँ . गरीब दास की मौत के बाद उसके पुत्र "बलवंत सिंह (1770 -1797 ) ने इसवी 1777 में बसंत पंचमी के दिन एक गढ़ी की नींव रखी और उसका नाम अपने कुल देवता "राघोजी "के नाम पर "राघोगढ़ "रख दिया था . 
कर्नल टाड के इतिहास के अनुसार बलवंत सिंह ने 1797 तक राज किया .और अंगरेजों से दोस्ती बढ़ाई.जब सन 1778 में प्रथम मराठा युद्ध हुआ तो बलवंत सिंह ने अंगरेजी फ़ौज की मदद की थी 
इसका उल्लेख जनरल Gadred ने "Section from State Papers .Maratha Volume I Page 204 में किया है .बलवंत सिंह की इस सेवा के बदले कम्पनी सरकार ने Captain fielding की तरफ से बलदेव सिंह को पत्र भेजा ,जिसमे लिखा था कंपनी बहादुर की तरफ से यह परगना जो बालामेटमें है उसका किला राघोगढ़ तुम्हें प्रदान किया जाता है और उसके साथ के गावों को अपना राज्य समझो .यदि सिंधिया सरकार किसी प्रकार का दखल करे तो इसकी सूचना मुझे दो .. 
बाद में जब 1818 में बलवंत सिंह का नाती अजीत सिंह (1818 -1857 )गद्दी पर बैठा तो अंगरेजों के प्रति विद्रोह होने लगे था ,अजीत सिंह ने ग्वालियर के रेजिडेंट को पत्र भेजा कि,आजकल महाराज सिंधिया बगावत की तय्यारी कर रहे हैं .उनके साथ झाँसी और दूसरी रियासत के राजा भी बगावत का झंडा खड़ा कर रहे हैं .इसलिए इन बागियों को सजा देने के लिए जल्दी से अंगरेजी फ़ौज भेजिए ,उस पत्र का जवाब गवालियर के रेजिडेंट A .Sepoyrs ने इस तरह दिया "आप कंपनी की फ़ौज की मदद करो और बागियों साथ नहीं दो .आप हमारे दोस्त हो ,अगर सिंधिया फ़ौज येतो उस से युद्ध करो .कंपनी की फ़ौज निकल चुकी है
लेकिन सन 1856 में एक दुर्घटना में अजीत सिघ की मौत हो गयी .उसके बाद 1857 में उसका लड़का "जय मंगल सिंह "(1857 -1900 )गद्दी पर बैठा इसके बाद "विक्रमजीत सिंह राजा बना (1900 -1902 (.लेकिन अंग्रेज किसी कारण से उस से नाराज हो गए .और उसे गद्दी से उतार सिरोंज परिवार के एक युवक "मदरूप सिंह "को राजा बना दिया जिसका नाम "बहादुर सिंह "रख दिया गया ( 1902 -1945 )अंगरेजों की इस मेहरबानी के लिए बहादुर सिंह ने अंगरेजी सरकार का धन्यवाद दिया और कहा मैं वाइसराय का आभारी हूँ .मैं वादा करता हूँ कि सरकार का वफादार रहूँगा .मेरी यही इच्छा है कि अंगरेजी सरकार के लिए लड़ते हुए ही मेरी जान निकल जाये
इसी अंगरेज भक्त गद्दार का लड़का "बलभद्र सिंह "हुआ जो दिग्विजय का बाप है .बलभद्र का जन्म 1914 में हुआ था और इसके बेटे दिग्विजय का जन्म 28 फरवरी 1947 को इन्दौर में हुआ था . 
बलभद्र सिंह ने मध्य भारत (पूर्व मध्य प्रदेश )की विधान सभा का चुनाव हिन्दू महा सभा की सिट से लड़ा था .और कांग्रेस के उम्मीदवार जादव को हराया था .सन 1969 में दिग्विजय ने भी नगर पालिका चुनाव कांग्रेस के विरुद्ध लड़ा था .और जीत कर अध्यक्ष बन गया था . 
लेकिन इमरजेंसी के दौरान गिरफ्तारी से बचने लिए जब दिग्विजय अपने समाधी "अर्जुन सिघ "के पास गया तो उसने कांग्रस में आने की सलाह दी .और कहा यदि जागीर बचाना है तो कांग्रेस में आ जाओ
इस तरह दिग्विजय का पूरा वंश अवसरवाद ,खुशामद खोरी .और अंगरेजों सेवा करने लगा है 
इसी कारण से जब दिग्विजय उज्जैन गया था तो वहां के भाजयुमो के अध्यक्ष "धनञ्जय शर्मा "ने सबके सामने गद्दार करार दिया था .ओर सबूत के लिए एक सी डी बी पत्रकारों को बांटी थी (पत्रिका शुक्रवार 22 जुलाई 2011 भोपाल )
2 -दिग्विजय ने कांग्रेसी नेत्री की हत्या करवायी !
अभी तक अधिकांश लोग इस बात का रहस्य नहीं समझ पा रहे थे कि दिग्विजय R .S .S और हिदुओं से क्यों चिढ़ता है .अभी अभी इसका कारण पता चला है .यद्यपि यह घटना पुरानी है .इसके अनुसार 14 फरवरी 1997 को रत के करीब 11 बजे दिग्विजय उसके भी लक्ष्मण सिंह और कुछ दुसरे लोगों ने "सरला मिश्रा "नामकी एक कांग्रेसी नेत्री की कोई ज्वलन शील पदार्थ डाल कर हत्या कर दी थी .और महिला को उसी हालत में जलता छोड़कर भाग गए थे .इतने समय के बाद यह मामला समाज सेवी और बी जे पी के पूर्व पार्षद महेश गर्ग ने फिर अदालत में पहुंचा दिया है और सी .जे .एम् श्री आर .जी सिंह के समक्ष ,दिग्विजय सिंह ,उसके भाई लक्षमण सिंह ,तत्कालीन टी आई एस.एम् जैदी ,नायब तहसीलदार आर .के.तोमर ,तहसीलदार डी.के. सत्पथी ,डा .योगीराज शर्मा .ऍफ़.एस.एल के यूनिट प्रभारी हर्ष शर्मा और नौकर सुभाष के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 ,201 .212 ,218 ,120 बी ,और 461 अधीन मामला दर्ज करने के आदेश देने के लिए आवेदन कर दिया है .फरियादी महेश गर्ग ने धारा 156 .3 यह भी निवेदन भी किया है कि उक्त सभी आरोपियों के विरुद्ध जल्दी कार्यवाही कि जाये .इसपर सी. जे. एम् महोदय ने सुनवाई की तारीख 28 जुलाई तय कर दी है .यही कारण है कि दिग्विजय सभी हिन्दुओं का गालियाँ देता है (दैनिक जागरण 23 जुलाई 2011 भोपाल ) 
हम सब जानते है कि आपसी विवाह सम्बन्ध करते समय परिवार का खानदान देखा जाता है .नियोजक किसी को नौकरी देते समय आवेदक की पारिवारिक पृष्ठभूमि देख लेते है .यहांतक जानवरों की भी नस्ल देखी जाती है . 
फिर गद्दारों की संतान गद्दार देश भक्त कैसे हो सकते हैं .विदेशी अंगरेजों के चमचे विदेशी सोनिया चमचागिरी क्यों न करेगा .ऐसा व्यक्ति कुत्ते से भी बदतर है ,कुत्ता अपनो को नहीं काटता है .इसने तो कांग्रेसी महिला नेत्री की निर्दयता पूर्वक हत्या करा दी .

Saturday, July 23, 2011

मुसलमान कुरान की इज्जत करते हैं ?

बी.एन. शर्मा

प्रस्‍तुति-डॉ0 संतोष राय

मुल्ले मौलवी मुसलमानों को यही सिखाते है कि दूसरों के धर्मग्रन्थ मनुष्यों ने बनाये हैं ,और कुरआन अल्लाह कि किताब है .हालांकि उनके पास इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है .फिरभी मुसलमान दूसरों क्र धर्मग्रंथों कि निंदा करना अपना अधिकार मानते हैं ,लेकिन कुरआन पर उंगली उठाने पर दंगे और हंगामा कर देते है.और कहते हैं हम कुरान की इज्जत करते हैं ,कुरान का अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकते . 
परन्तु मसलमानों के बड़े बड़े मुल्ले मौलवियों ने कुरान के बारे में जो लज्जाजनक फतवे दिए हैं ,उनको देख कर मुसलमानों को चुल्लू पर पानी में डूब कर मर जाना चाहए .यह लेख पढ़कर आपको पता चल जायेगा कि मुसलमान कुरान की कितनी इज्जत करते हैं .कुछ नमूने देखिये -




1-कुरान को पेशाब से लिख सकते हैं 


it permissible to write the Qur'an with urine




A reputed scholar from this camp Allamah Hassan bin Mansoor Qadhi Khan unashamedly writes that:
يس هناك إثم إذا كنت أكتب القرآن مع الدم والبول أو على جلد حيوان ميت"


"There is no sin if you write the Qur'an with urine, blood or on the skin of a dead animal".
अल्लामा हसन बिन मंसूर काजी खान ने अपने फतवे में लिखा है "इसमे कोई गुनाह नहीं है अगर कुरान को पेशाब से ,खून से या मरे हुए जानवरों की खाल पर लिखा जाए .
Fatawi Qazi Khan page 780 "Chapter al Khathur"
2-कुरआन की आयतें गर्भवती के पेट पर लगा दो 




Quranic verses can be attached with woman’s womb 




We read in a famed Deobandi work by Maulana Ashraf Ali Thanvi: 
मौलाना अशरफ थानवी ने कहा अगर किसी औरत के गर्भ गिर जाने का डर हो ,या गर्भ नहीं ठहरता हो तो कुरान की आयतें उसके पेट पर बांध दो .इस से गर्भ सुरक्षित रहेगा और गर्भ गिरने का खतरा नहीं रहेगा 
"إذا كان هناك خوف ​​من الإجهاض أو امرأة لا يتصور ثم ربط الآيات المذكورة أعلاه مع رحم امرأة. إن شاء الله سوف يكون في مأمن من الحمل ومن ثم تصور أنها سوف، وسوف لا اجهاض. "


“If there is fear of abortion or a woman doesn’t conceive then tie the above mentioned verses with the womb of woman. Inshallah the pregnancy will be safe and then she will conceive and will not miscarry. ” 


Amaal e Qurani, page 12 published by Muktaba Rehmania, Lahore


3-प्रसव आसानी से कराने की विधि 


method for an easy delivery of child 
कष्टरहित प्रसव करने की विधि यह है कि कागज पर कुरान की आयतें लिख कर औरत की दायीं जांघ पर बांध दो .जब बच्चा हो जाये तो उस कागज को खोल कर औरते कुछ बालों साथ जला दो ,और उसका धुआं औरत के गुप्त अंगों में पंहुंचा दो .
كتابة هذه الآيات وربطها مع الفخذ الأيمن من امرأة لتسليم سهلة ، إن شاء الله سوف يصبح من السهل تسليم جدا ولكن بعد الولادة وينبغي فتح المدلاة، وينبغي أن أحرق بعض الشعر من نفس المرأة، وينبغي أن تنتقل من الدخان خاصة لها جزء "


“Write these verses and tie them with the right thigh of woman for easy delivery, Inshallah the delivery will become very easy but after delivery the locket should be opened and some hair of same woman should be burnt and the smoke should be passed from her private part”

Amaal e Qurani, pages 24-25 published by Muktaba Rehmania, Lahore
4-सेक्स का आनंद बढ़ाने के लिए कुरान पढो 


use of Holy Name for drawing sexual pleasure 
सम्भोग से समय कुरान की आयतें दुहराते रहो ,इस से औरत तुम्हें प्यार करेगी 


"Keep reciting Al-Mughni during sex and woman will love you.”
"حافظ على قراءة المغني أثناء ممارسة الجنس والمرأة وسوف أحبك"


Amaal e Qurani, page 175 published by Muktaba Rehmania, Lahore


5-कुरान उमर से राय लेकर बनी थी 
Quran was revealed according to the opinions of Umar




We read in Tareekh Khulfa, page 110:
तारीखे खुलफा में लिखा है ,एक मुजाहिद ने कहा है कि खलीफा उमर कुरान के बारे में जो भी विचार रखते थे वही कुरान में उतारा जाता था .और बाद में सब उसकी पुष्टि कर देते थे.


أخرج ابن مردويه عن مجاهد قال : كان عمر يرى الرأي فينزل به القرآن 


Mujahid said: 'Umar used to hold a view and Quran would be revealed with (confirmation of) it'.


We also read:
इब्ने उमर ने कहा है ,जब लोग कुरान में एक बात लिखवाना चाहते थे ,और उमर दूसरी बात लिखवाना चाहते थे ,तो कुरान में वही लिखा जाता था जो उमर की मर्जी के अनुसार होता था .


أخرج عن ابن عمر مرفوعا : ما قال الناس في شيء و قال فيه عمر إلا جاء القرآن بنحو ما يقول عمر


Ibn 'Umar said: 'When people said one thing and Umar said another, the Quran would be revealed with the like of what Umar said'


अब आपको पता चल गया होगा कि मुसलमान कुरान कि कितनी इज्जत करते हैं और कुरान का कैसा उपयोग करते हैं .हम सदा से कहते ए है कि मुसलमान दोगली नीति अपनाते है .हाथी कि तरह खाने दांत अलग दिखने के दांत अलग .इन्हें न कुरान से मतलब है नअपने अल्लाह और मुहम्मद से .इन्हें सिर्फ दंगा करने का बहाना चाहिए .अगर इनमे हिम्मत है तो पाकिस्तान में जाकर अपने उन आकाओं पर कोई कार्यवाही कर के दिखाएँ ,जिन्हों ने यह फतवे दिए ,या छापे हैं ,तभी हम समझेंगे कि ये लोग सच्चे मुसलमान है .
मुस्लिम ब्लोगर अच्छी तरह से समझ लें कि हम उनका कचरा उनके ऊपर ही फेक रहे हैं .इसका जवाब अपने मुल्लों से पूछें 
अगर हमारे ऊपर उंगली उठाएंगे तो ऐसा ही जवाब मिलता रहेगा .हमारे पास सबूतों की कमी नहीं है .
 

इस्लाम का असली स्वरूप यही है !

बी.एन. शर्मा

प्रस्‍तुति-डॉ0 संतोष राय

विश्व में अनेकों ऐसे धर्म स्थापक ,विद्वान और वैज्ञानिक हुए हैं जिन्होंने अपने विचार और सिद्धांत सहज रूप से लोगों के सामने पास्तुत किये थे .और लोगों को उन को तर्क की कसौटी पर परखने की पूरी पूरी स्वतंत्रता दी थी .कि यह लोगों की इच्छा है ,कि उन विचारो को माने अथवा नहीं .लेकिन किसी भी धर्म स्थापक या वैज्ञानिक ने लोगों पर अपने विचारों को बल पूर्वक थोपने का प्रयत्न नहीं किया था .आज भी ऐसे महापुरुषों को मानने वाले करोड़ों लोग हैं .यद्यपि उन में अधिकांश वैज्ञानिक ईश्वर ,आत्मा और परलोक जैसी बातों पर विश्वास नहीं रखते थे .फिर भी लोगों की भलाई के लिए नए नए अविष्कार करते रहे .उन्हें न किसी खुदा का डर था ,न किसी जन्नत का लालच था .आज तक किसी ने उनका विरोध नहीं किया और न उन्होंने लोगों को अपना अनुयायी बनाने पर जोर डाला . 
लेकिन अरब के शहर मदीना में पैदा हुए मुहम्मद नामके जाहिल ,अनपढ़ ,असभ्य ,क्रूर और अत्याचारी व्यक्ति ने खुद को अल्लाह का रसूल बताकर ,अपनी मूर्खता पूर्ण ,अवैज्ञानिक ,तर्कहीन और ऊलजलूल बातों को अल्लाह का आदेश बताकर लोगों उसे मानने पर विवश किया था .उसने लोगों के सामने दो ही विकल्प रखे थे कि .यातो वह उसकी पागलपन भरी बातों को मान कर मुसलमान बन जाये ,अथवा मरने को तैयार हो जाएँ .मुहमद ने यही किया था . 
तब से लेकर आज तक मुहम्मद के अनुयायी नए नाम से नए नए आतंकी संगठन बना कर सरे विश्व में निर्दोष लोगों की हत्याएं कर रहे हैं .लेकिन अभी तक अल्लाह और मुहम्मद जैसे राक्षसों की लोगों के खून की प्यास नहीं बुझ रहीं है ,बल्कि और बढ़ रही है . 
13 जुलाई को मुहम्मद के अनुयायी और उस दुष्ट अल्लाह के भक्त इंडियन मुहहिद और लश्करे तय्यबा द्वारा मारे गए सिर्फ यही तो अपराध था कि वह मुसलमान क्यों नहीं बने ,या उस जंगली किताब कुरान को स्वीकार क्यों नहीं करते .जिसमे हजारों मूर्खतापूर्ण बातें लिखी है . 
हालांकि मैंने अब तक कुरान और हदीसों की सैकड़ों ऐसी मूर्खतापूर्ण ,तर्कहीन बातों का प्रमाण सहित खंडन किया है ,जिसे यदि कोई सामान्य व्यक्ति कहे तो उसे पागलखाने में भरती कर दिया जाता .लेकिन मुसलमान आतंक का सहारा लेकर अपने वही विचार लोगों पर थोपना चाहते हैं ,ताकि जो लोग सीधी तरह से मुसलमान नहीं होते ,वह लोग डर कर मुसलमान बन जाएँ . 
मुसलमान लोगों को कैसा इस्लाम कबूल करने को कहते हैं उसकी कुछ नमूने दिए जा रहे है -
1-समय के अंतिम घंटे कब होंगे 
अबू हुरैरा ने कहा कि रसूल ने कहा ,जब तक मैं दाउस कबीले की एक औरत के चूतड नहीं देख लेता ,जो "जि अल खलसा" मूर्ति के आसपास घूम रही है और जो इस्लाम से पहले उस कबीले की देवी थी .
Narrated Abu Huraira: Allah's Apostle said, "The Hour will not be established till the buttocks of the women of the tribe of Daus move while going round Dhi-al-Khalasa." Dhi-al-Khalasa was the idol of the Daus tribe which they used to worship in the Pre Islamic Period of ignorance.
Sahih Bukhari 9:88:232
2-अल्लाह ने पादना भी सिखाता है 
मुहम्मद इब्ने जरीर अल तबरी ने अपनी तफसीर में कहा कि अल्लाह ने आदम को सब के नाम बताये और सब कुछ सिखाया जैसे नीचे से पादनाऔर धीमे से पादना .
And Allah taught Adam all the names as follows: He taught him the name of everything, down to fart and little fart.
Tabari I 267
3-नाड़ा लटका तो जमीन में धंसे 
अब्दुल्लाह बिन उमर ने कहा कि रसूल ने कहा यदि कोई व्यक्ति अपना (Izar )नाड़ा जमीन पर लटका दे तो अचानक जमीन में धंसने लगेगा और अंतिम दिवस तक धंसता जायेगा .
Izar dragging causes Endless Descent
Narrated 'Abdullah bin 'Umar: Allah's Apostle said, "While a man was dragging his Izar on the ground (behind him), suddenly Allah made him sink into the earth and he will go on sinking into it till the Day of Resurrection."
Sahih Bukhari 7:72:681


4-रसूल को तीन पत्थर क्यों चाहिए 
अब्दुल्लाह ने कहा कि टट्टी करने के बाद रसूल को अपनी गुदा घिसने के लिए तीन पत्थर चाहए थे दो पत्थर मिल गए ,मुझे तीसरा पत्थर नहीं मिला तो मैंने रसूल को सूखे गोबर का एक टुकड़ा दिया .रसूल ने दोनो पत्थर ले लिए और गोबर फेक कर कहा यह गन्दा है.
Searching for the meaning in life... and 3 Stones
Narrated Abdullah:
The Prophet went out to answer the call of nature and asked me to bring three stones. I found two stones and searched for the third but could not find it. So I took a dried piece of dung and brought it to him. He took the two stones and threw away the dung and said, "This is a filthy thing."
Sahih Bukhari 1:4:158
5-सम्भोग करने की दुआ 
इब्ने अब्बास ने कहा कि ,रसूल ने कहा यदि कोई व्यक्ति अपनी पत्नी से सम्भोग करे तो "बिस्मिल्लाह "कहे और शैतान से बचने के लिए दुआ करे शैतान होने वाली संतान तक पहुँच जाता है .दुआ करने से वह नुकसान नहीं कर सकता.
Incantations while having sex
Narrated Ibn 'Abbas: The Prophet said, "If anyone of you, when having sexual relation with his wife, say:'In the name of Allah. O Allah! Protect us from Satan and prevent Satan from approaching our offspring you are going to give us,' and if he begets a child (as a result of that relation) Satan will not harm it."
Sahih Bukhari 4:54:493
6-इंशा अल्लाह कहकर जिहादी पैदा करो 
अबू हुरैरा ने कहा ,रसूल ने कहा मैं उसकी कसम खा कर कह रहा हूँ ,जिसके हाथों में मेरी जानहै ,दाउद के पुत्र सुलेमान एक रात में सौ या 99 औरतों से सम्भोग करते थे ,ताकि होने वाले बच्चे शूरवीर और अल्लाह के जिहादी बनें ,लेकिन मैंने सम्भोग के समय "इंशा अल्लाह "नहीं बोला .जिस से जो बच्चे पैदा हुए वह आधे इन्सान थे और आधे पशु .
Say "Allah willing" during intercourse to give birth to Islamic militants
Narrated Abu Huraira: Allah's Apostle said, "Once Solomon, son of David said, '(By Allah) Tonight I will have sexual intercourse with one hundred (or ninety-nine) women each of whom will give birth to a knight who will fight in Allah's Cause.' On that a (i.e. if Allah wills) but he did not say, Allah willing.' Therefore only one of those women conceived and gave birth to a half-man. By Him in Whose Hands Muhammad's life is, if he had said, "Allah willing', (he would have begotten sons) all of whom would have been knights striving in Allah's Cause."
Sahih Bukhari 4:52:74i


7-पशुमैथुन जायजहै समलैगिकता अपराध है 
Zoophilia pardonable but not homosexuality
यदि कोई अविवाहित पुरुष किसी पुरुष के साथ गुदामैथुन करता है तो इसकी सजा मौत होगी .लेकिन पशुओं के साथ सभोग करने पर सजा का कोई विधान नहीं है 
Abu Dawud 38:4448 prescribes the death sentence for an unmarried man who commits sodomy but there is no prescribed punishment for having sex with an animal: 
Narrated Abdullah ibn Abbas: There is no prescribed punishment for one who has sexual intercourse with an animal.
अब्दुल्लाह इब्ने अब्बास ने कहा है कि पशुओं के साथ सम्भोग करने पर सजा का कोई विधान नहीं है 
Abu Dawud 38:4450 
8-मुहम्मद की माँ की योनि में प्रकाश 
इस्लामी इतिहासकार अबू मुहम्मद अब्दुल मलिक बिन हिशाम ने मुहम्मद कि जीवनी में लिख है कि मुहम्मद की माता की आमना की योनी से प्रकाश निकलता रहता था .मुहम्मद के जन्म के समय आमना की योनी प्रकाश से भर गयी ,और प्रकाश योनी से निकल कर पूर्व से पश्चिम तक फ़ैल गया था ,यहांतक उसकी रोशनी सीरिया तक चली गयी थी .
Aminah and her Vagina Light
According to accepted sirat, Muhammad's mother had light coming out of her vagina when giving birth to him. 
When the prophet came out of his mothers vagina, the light covered the east and the west which reached all the way to Sham (Syria today) 
sirat ibn hisham 166
9-नंगे होकर अल्लाह से मिलो 
Allah Wants to See You...Naked
इब्ने अब्बास ने कहा कि रसूल ने कहा है अल्लाह से मिलने के लिए हमें नंगे पैर ,नग्न होकर ,और अपने पैरों पर चल कर जाना होगा .और खतना रहित जाना होगा ( इसके लिए तीन हदीसें दी गयी हैं )
Narrated Ibn Abbas: The Prophet said, "You will meet Allah barefooted, naked, walking on feet, and uncircumcised."
Sahih Bukhari 8:76:531, See also Sahih Bukhari 8:76:532, Sahih Bukhari 8:76:533, and Sahih Bukhari 8:76:533 
10-चूतड में झंडे गड़ेंगे 
Flag fixed behind the buttocks"
अबू सईद ने कहा कि ,रसूल ने कहा जो भी व्यक्ति ईमान (इस्लाम )के विपरीत काम करेगा तो ,इंसाफ के दिन (क़यामत )ऐसे सभी लोगों की चूतड़ों में झंडे ठोक दिए जायेंगे ईमान तोड़ने की यही सजा होगी .
It is narrated on the authority of Abu Sa'id that the Messenger of Allah (may peace be upon him) said: On the Day of Judgment there will be a flag fixed behind the buttocks of every person guilty of the breach of faith.
Sahih Muslim 19:4309
11-कुत्ते की लाश से पानी शुद्ध 
सईदुल खुदरी ने कहा एक बार लोगों ने रसूल से पूछा कि "बुदआह " नामके कुए में मासिक धर्म के गंदे कपडे और मरे कुत्ते औएऐसि ही गन्दी चीजें पड़े हैं क्या हम इस कुए के पानी से वुजू कर सकते हैं .रसूल ने कहा इस कुए का पानी बिलकुल शुद्ध है इसमे कोई अशुद्धि नहीं 
Water mixed with Dead Dogs still clean
Narrated AbuSa'id al-Khudri: The people asked the Messenger of Allah (peace be upon him): Can we perform ablution out of the well of Buda'ah, which is a well into which menstrual clothes, dead dogs and stinking things were thrown? He replied: Water is pure and is not defiled by anything.
Sahih Muslim 1:66, See Also Sahih Muslim 1:67
12-रसूल के जूठे हाथ चाटो 
इब्ने अब्बास ने कहा कि रसूल ने कहा खाने बाद जब तक मैं हाथों को नहीं चाट लेता ,हाथ नहीं धोया करता हूँ ,या किसी से हाथ चटवा लिया करता हूँ.
Could someone please lick my hands? Thank you
Narrated Ibn 'Abbas: The Prophet said, 'When you eat, do not wipe your hands till you have licked it, or had it licked by somebody else."
Sahih Bukhari 7:65:36
13-पादने की कला सीखो 
The Art of dealing with a Fart
अली बिन अबूतालिब से रसूल ने कहा कि यदि तुम नमाज के दौरान पादों ,तो नमाज से अलग हो जाओ ,फिर वुजू करके दुबारा नमाज पढ़ा करो .
Narrated Ali ibn Talq: The Apostle of Allah (peace be upon him) said: When any of you breaks wind during the prayer, he should turn away and perform ablution and repeat the prayer.
Abu Dawud 1:205 
इब्ने अब्बास इन तमीम ने कहा कि मेरे चाचा ने रसूल से पूछा ,यदि किसी व्यक्ति को लगे कि नमाज के दौरान उसकी पाद निकालने वाली है ,तो क्या करे .रसूल ने कहा उस व्यक्ति को तब तक नमाज नहीं छोड़ना चाहिए जब तक मैं पाद की आवाज नहीं सुन लूँ और उसकी बदबू न सूँघ लूँ .
Narrated 'Abbas bin Tamim: My uncle asked Allah's Apostle about a person who imagined to have passed wind during the prayer. Allah' Apostle replied: "He should not leave his prayers unless he hears sound or smells something."
Sahih Bukhari 1:4:139


मैं इस लेख के अपने सभी पढ़ने वाले महानुभावों से निवेदन करता हूँ ,कि तनिक निष्पक्ष होकर निर्णय करें कि इतनी बकवास और वाहियात होने पर भी आप इस्लाम को धर्म का दर्जा दे सकने को राजी है ?मुझे बड़ा आश्चर्य होता है कि लोग इस इस्लाम की तुलना दूसरे धर्मों से तुलना करते है .लोग स्वीकार लयों नहीं करते की इसी इस्लाम ने दुनिया को तबाह कर दिया .और इसी मुर्खता भरी बातों को न मानने पर काफिर बता कर मार दिया जाता है .क्या मारे गए लोगों का यही कसूर था कि वह इसी जंगली इस्लाम को नहीं मानते ,जो असली झगड़े का कारण है.
सोचिये और लोगों को बताइए 

http://wikiislam.net/wiki/Qur'an,_Hadith_and_Scholars:Islamic_Silliness
 
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इस्लाम और सदाचार ?

बी.एन. शर्मा

प्रस्‍तुति- डॉ0 संतोष राय

यदि कोई निष्पक्ष ,बुद्धिमान और निर्भीक व्यक्ति इस लेख को ध्यान से पढ़ेगा ,तो यही कहेगा कि धिक्कार है ऐसे इस्लामी सदाचार पर लानत है ऐसे कुत्सित विचारों पर .!
क्योंकि दुनिया का शायद ही कोई दुर्गुण ,होगा जो इस्लाम और मुसलमानों में नहीं हो .और शायद ही कोई ऐसा पाप और अपराध हो जो मुसलमान नहीं करते हैं .क्योंकि उनके ग्रन्थ कुरान और हदीसों में इसकी शिक्षा दी गयी है .यह सभी दुर्गुण मुहम्मद की सुन्नत मने जाते हैं .और्  शरीयत इनको जायज ठहराती है .फिर भी मुल्ले ,मौलवी ,इस्लाम के प्रचारक और मुस्लिम ब्लोगर सब मिलकर इस्लाम को सर्वश्रेष्ठ धर्म साबित करने में लगे रहते हैं .और लोगों को अपना धर्म छोड़कर इस्लाम जैसे जंगली मजहब को स्वीकार करने को प्रेरित करते रहते हैं .यह लोग मुहम्मद ,उसके परिवार के लोगों और साथियों को चरित्रवान और आदर्श बता कर उनकी तारीफों के पुल बांधते रहते हैं .फिर भी कुछ अज्ञानी लोग उनके जाल में फंस कर अपना जीवन बर्बाद कर लेते हैं . 
यहाँ पर इस्लामी सदाचार ,इस्लामी उलेमाओं,खलीफाओं और मुहम्मद के साथियों के चरित्र के कुछ नमूने दिए जा रहे हैं ,जो प्रमाणिक इस्लामी साईट से लिए गए हैं .सबूत के लिए अंगरेजी अंश भी दिए गए है.अब फैसला पाठक खुद ही करें कि ऐसे इस्लाम पर धिक्कार करना और लानत करना उचित है कि नहीं ?
1-हस्तमैथुन करना जायज है .
"इस्लाम के एक प्रमुख इमाम" अहमद इब्ने हम्बल " ने कहा है कि यदि किसी व्यक्ति कि वासना इतनी भड़क गयी हो ,कि उसे शांत करने के लिए कोई औरत न मिले ,या कोई गुलाम स्त्री नहीं मिले ,या वह इतना कंगाल हो कि शादी न कर सके ,और या वह यात्रामे हो ,तो उसे हस्तमैथुन करने की अनुमति है .इमाम ने आगे यह भी कहा कि मुहम्मद के साथी जब भी किसी अभियान पर जाते थे तो ,हस्तमैथुन किया करते थे."
Masturbation is Halal
"If a man is torn between continued desire or releasing it, and if this man does not have a wife or he has a slave-girl but he does not marry, then if a man is overwhelmed by desire, and he fears that he will suffer because of this (someone like a prisoner, or a traveller, or a pauper), then it is permissible for him to masturbate, and Ahmad (ibn Hanbal) is explicit on this. Furthermore, it is narrated that the Companions of the Prophet (s) used to masturbate while they were on military expeditions or travelling".
Badai'alfawaid Ibn Qayyim.Page129


2-औरतें Dildo ( कृत्रिम लिंग )का प्रयोग करें 
"अगर किसी औरत का पति न हो ,और उसकी वासना बेकाबू हो गयी हो तो वह अकरंबीज Akranbij (एक प्रकार की फली )पर चमडा इस प्रकार से लपेटे कि उसका आकार लिंग कि तरह हो जाये .फिर उसे अपनी योनी में घुसाकर वासना शांत कर ले ,या फिर ककड़ी (खीरा ) का भी प्रयोग कर सकती है ."
"इसी तरह पुरुष भी किसी तरबूज में छेद करके ,या चमड़े में छेद बना कर अथवा गुंधे हुए आटे में छेद बना कर उसमे लिंग घुसाकर सम्भोग कर सकते .यह उसी हालत में जायज है जब वह व्यक्ति कहीं यात्रा पर हो .हाथों से हस्तमैथुन करने से यह विधि अधिक आसान है "
Use of a Dildoe (female sex toys)
"If a woman does not have a husband, and her lust becomes strong, then some of our scholars say: It is permissible for the woman to take an akranbij, which is a piece of leather worked until it becomes shaped like a penis, and insert it in herself. She may also use a cucumber".
If a man makes a hole in a watermelon, or a piece of dough, or a leather skin, or a statue, and has sex with it, then this is the same as what we have said about other types of masturbation [i.e., that it is halaal in the same circumstances given before, such as being on a journey]. In fact, it is easier than masturbating with one's hand". 


Badai'alfawaid Ibn Qayyim.Page129


3-औरतें अपने दाढी वाले पति को अपना दूध पिलायें 
"सलहा बिन्त सुहैल बिन अम्र रसूल के पास गयी और बोली कि या रसूल मेरे करीब सलीम नामका एक गुलाम रहता है जिसे अबू हुजैफा ने आजाद कर दिया है ,अब वह वयस्क होगया है ,उसकी कुछ सेक्स संबधी समस्याएं है ,वह आपसे कुछ सलाह लेना चाहता है .रसूल ने कहा उसे अपनी औरत का स्तन चूसने को कहो .वहां मौजूद सहाबी ईब्ने अबू मुलैका ने कहा कि मैंने रसूल की इस हदीस को एक साल से अधिक तक किसी को नहीं बताया था ,लेकिन बाद में डर के मारे लोगों को बता दिया ,कि यह तरकीब आयशा ने ही रसूल को बतायी थी "
woman can suckle a Salafi man with a beard 
Sahla bint Suhail b. 'Amr came to Allah's Apostle (may peace be upon him) and said: Messenger of Allah, Salim (the freed slave of Abu Hudhaifa) is living with us in our house, and he has attained (puberty) as men attain it and has acquired knowledge (of the sex problems) as men acquire, whereupon he said: Suckle him so that he may become unlawful (in regard to marriage) for you He (Ibn Abu Mulaika) said: I refrained from (narrating this hadith) for a year or so on account of fear. I then met al-Qasim and said to him: You narrated to me a hadith which I did not narrate (to anyone) afterwards. He said: What is that? I informed him, whereupon he said: Narrate it on my authority that 'A'isha (Allah be pleased with her) had narrated that to me.
Sahih Muslim Book8 Hadith Number 3426:
Imam Ibn Tamiyah as quoted by one of the revered scholars of Salafies Ibn Uthaimeen:
"शेखुल इस्लाम इब्ने तैय्यमा ने इस हदीस को चुना और इसकी व्याख्या करते हुए कहा कि मर्दों के लिए अपनी औरतों के स्तन चूसना जरुरी है.वह खुद भी ऐसा करते है .उन्होंने कहा इस से शादी स्थायी बनी रहती है "
واختار شيخ الإسلام ابن تيميه رحمه الله التفصيل وقال إذا دعت الحاجة إلى إرضاع الكبير وأرضع ثبت التحريم
"Sheikh ul-Islam ibn Taymia (may Allah's mercy be upon him) chosed to explain in details and said that if the breast suckling by an adult was necessary and he suckled, then the prohibition (of marriage) is established."
Fatawa Nur Ala Aldarb, Volume 10 page 204




4-मुसलमान अपनी माँ से सम्भोग कर सकते है 
"यदि कोई व्यक्ति किसी ऐसी स्त्री से शादी कर लेता है जिस से शादी करना हराम ( वर्जित ) है जैसे कि माँ ,सगी बहिन ,पुत्री ,चाची आदि .और उस से सम्भोग भी कर लेता है .और इस कृत्य को स्वीकार भी कर लेता है .यद्यपि उसे पता है कि यह कार्य हराम है इमाम अबू हनीफा ऐसी शादी को जायज मानते हैं .और इस्लाम के अनुसार उस व्यक्ति को किसी भी सजा के योग्य नहीं माना जायेगा ."
Permissibility of Having Sex with One's Mother
if a person marries a mahram (mother, sister, daughter, aunt etc.) and has sexual intercourse with them and even admits the fact that he knew while performing the marital rites that it was Haraam for him to do that even then according to Imam Abu Hanifa, he is not subject to any type of Islamic penalty".


Allamah Hassan bin Mansoor Qadhi Khan writes in his book of fatwa, Volume 4, p. 820:and,p821


5-मुसलमान जिन्दा है ,गुदा ( Anus )में उंगली घुसा कर देखें 
अबू फतह (एक सहाबी ) ने कहा कि एक बार मुझे एक लाश को देखने का मौका मिला .जब लाश मेरे सामने आयी तो मैंने देखते ही कह दिया कि यह व्यक्ति मृतक नहीं ,जीवित है .लोगों ने पूछा कि आप यह बात किस आधार पर कह रहे हैं .मैंने सच्चाई पर रोशनी डालने के लिए कहा कि जब कोई मुसलमान मर जाता है तो उसकी गुदा ( ANUS गा*) ठंडी हो जाती है.मैंने उंगली डालकर देखा तो वह व्यक्ति जिन्दा निकला ,फिर मौजूद सभी लोगों ने उस व्यक्ति की Anus में अपनी उंगलियाँ घुसाकर जाँच की और कहा सचमुच यह व्यक्ति जिन्दा है.
Death Ritual
Abu Fathah narrates 'On one occasion I had the opportunity to see a dead body and I said 'He is not dead but alive'. People asked 'How do you know?' I replied 'When a man dies his anus goes cold, and I have made this comment in light of this fact, verily he is alive'. Upon saying this all of those present placed their fingers in the body's anus and concluded he is not dead but is alive".
'Maqamath Badhaya al Zaman', page 26, Maqama 8, by Abu Fadhl Ahmad bin Husayn bin Yahya bin Saeed al Madani:
6-समलैंगिक भी खलीफा बन सकते हैं 
"एक अगम्यगामी और समलैंगी भी मुसलमानों का खलीफा बन सकता है .यह बात इमाम जहबी ने पांचवे खलीफा "अब्दुल मलिक बिन मरवान"के एक खुतबे से दर्ज की है ,जिसमे उसने कहा था "मैं उस्मान की तरह डरपोक ,नहीं हूँ और मुआविया की तरह मक्कार नहीं हूँ ,और यजीद की तरह समलिंगी भी नहीं हूँ ( यह तीनों मुसलमानों के आदर्श खलीफा थे )


an incestuous homosexual but also a Khalifa 
Imam Dhahabi records the following words from the sermon of Abdul Malik bin Marwan (5thCaliph646-705) in 'Tarkeeh Islam' Volume 1 page 634:


ولست بالخليفة المستضعف - يعني عثمان - ولا الخليفة المداهن - يعني معاوية - ولا الخليفة المأبون - يعني يزيد
"I am not weak like Uthman and I am not cunning like Mu'awiya and I am not a homosexual like Yazid"
7-अपनी पुत्री से भी सेक्स की बातें करें 
खलीफा उमर अपनी पुत्री से अक्सर सेक्स के बारे में सवाल करते रहते थे .एक बार उसने अपनी बेटी से पूछा बताओ एक औरत सम्भोग के बिना कितने समय तक रह सकती है ,लड़की ने शर्मा कर नजरें झुका लीं ,तो उमर ने कहा अल्लाह के सामने सच कहने में कैसी शर्म .पुत्री ने इशारे से तीन महीने बताये .और कहा अधिकतम चार महीने तक .
Umar would ask questions pertaining to sex from his own daughter!
'I want to ask you about a matter which concerns me, dispel it for me. How long does a woman long for her husband?' She lowered her head and was shy. He said, 'Truly Allah is not shy of the truth'. She gestured her hand indicating three months, and if that was not possible then four months"
Tareekh ul Khulafa by Suyuti) page 142 that Umar went to his daughter…


8-गर्भ में लड़का है या लड़की 
प्रसिद्द मुस्लिम विद्वान् "शेख कमालुद्दीन मुहम्मद बिन मूसा दमीरी "ने गर्भ में लड़का है ,या लड़की इसका पता करने का एक नायाब तरीका बताया है "औरत एक जूं Lice पकड कर मर्द की हथेली पर रखे ,फिर उस जूं पर अपने दूध की कुछ बूँदें डाल दे .जिस से जूं ढक जाए .यदि जूं दूध की बंद से बाहर निकल जाये तो लड़की होगी ,और यदि जूं बाहर निकलने में असफल हो जाये तो लड़का होगा .( यही है इस्लामी विज्ञानं )
method of knowing the gender of the unborn
"If a man wants to know whether it's a boy or a girl in the womb of a pregnant woman then a man should capture and place a lice over his palm and the pregnant woman shall take out a drop of her milk and put it there (means over the plam of the man where he had put the lice). Thus, if the lice is successful to come out of the drop of the milk then the gender is female but if it is unsuccessful to come out of the drop of milk then it's a male."
Shakyh Kamaluddin Muhammad bin Musa Damiri (742 - 808 H) in his esteemed work 'Hayat ul Hewan' Volume2page567
इस लेख में जो भी लिखा गया है ,उसमे एक भी शब्द मेरा नहीं है ,सब हवाले इस्लाम की प्रमाणित साईट से चुने गए हैं .और साईट देये गए सभी सन्दर्भों की मैंने खुद जाँच की है .
मेरा उन लोगों से अनुरोध है जो मुस्लिम ब्लोगरों के झूठे प्रचार से प्रभावित हो जाते हैं और इस्लाम की ऐसी गन्दगी अपने दिमाग में भर लेते हैं .क्या इस्लाम के वकील इसी अश्लील और निर्लज्जता की बातों के सहारे लोगों से इस्लाम की इज्जत करवाना चाहते हैं ? इस से अधिक ज्ञान तो कोठे वालियों को होता है .क्या इसी इस्लाम के लिए निर्दोष लोगों की हत्याएं की जा रहीं है .है कोई माई का लाल जो जवाब दे सके ?
तब तक आप अगले लेख की प्रतीक्षा करिए .

http://www.answering-ansar.org/answers/mutah/en/chap7.php
 
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धिक्कार पच्चीसी !!

बी.एन. शर्मा

प्रस्‍तुति- डॉ0 संतोष राय

यह बात इतिहास से प्रमाणित है ,इस से सभी सहमत होंगे कि सभी मुसलमान स्वाभाविक रूप से आतंकवादी होते हैं .जिस दिन से उनके दुष्ट पुरखे भारत में आये थे ,तब से उनकी हराम की औलादें कोई न कोई आतंकवादी कार्यवाहियां करते आये हैं .उनका एक मात्र उद्देश्य निर्दोष हिन्दुओं की हत्याएं करना है ,चाहे उनके साथ एक दो मुसलमान भी क्यों मर जाएँ .इतिहास में शायद ही कोई साल ,या कोई स्थान बाकी होगा ,जहाँ मुसलमानों में किसी न किसी समय हत्याएं न की हों . 
लेकिन आजादी के बाद 13 मार्च 2003 से मुसलमानों ने अनेकों आतंकी दल बनाकर निर्दोष हिन्दुओं की हत्या करने का जो सिलसिला शरू किया था ,वह अभी तक चल रहा है .उसी कड़ी में मुंबई पर किया गया इस्लामी आतंकी हमला भी है.इसमे विशेष बात यह है की यह हमला किसी विदेशी ,या पाकिस्तानी संगठन द्वारा नहीं ,बल्कि भारत में रहने वाले उन्हीं मुसलमानों ने किया है ,जिनको सरकार अपनी तुष्टिकरण की निति के कारण हिन्दुओं के टेक्सों से पाल रही है .सरकार मुसलमानों के प्रेम में इतनी अंधी हो गयी है ,कि उसने अपनी खतना ( Circunsission ) की जगह खस्सी ( Castration )तक करवा लिया है .इस खस्सी सरकार की नीतियों का दुष्परिणाम आज देश के लोग भोगने को विवश है .और आगे भी भोगते रहेंगे . और बिना किसी प्रतिशोध के चुपचाप मरने को अपनी नियति मान लिया है .ऊपर से देश पर एक ऐसी औरत हुमुमत कर रही है जिसका देश से कोई लगाव नहीं है .और हिन्दू द्वेष जग जाहिर है . 
आप खुद देख लेना उसके टुकड़खोर फिर आतंकवादियों की वकालत के लिए निकल पड़ेंगे ,जैसे पिग विजय सिंह ने कहा कि लोगों को हमारा धन्यवाद देना चाहिए कि ,भारत में पाकिस्तान से कम ब्लास्ट होते हैं .और कई महीनो बाद एक घटना हुई है .इतनी अधिक आबादी वाले देश में एक दो ऐसी घटना कोई महत्त्व नहीं रखती है . 
इसके बाद जांच बिठाई जाएगी ,कुछ अपराधियों को भगा दिया जायेगा ,और यदि कोई पकड़ा भी जायेगा तो ,उनको आदर पूर्वक सर्व सुविधा युक्त जेल नामके महल में सुरक्षित रख दिया जायेगा .जिसका खर्चा मुसलमानों द्वारा मारे गए हिन्दुओं के परिवार वालों से टेक्स के रूप से वसूला जायेगा .फिर लोगों को शांति ,धैर्य और आपसी सौहार्द के भाषण पिलाये जायेंगे .टी.वी.वाले T .R .P .बढाने के लिए नेताओं की निरर्थक बकवास प्रसारित करेंगे .और लोगों के हौसले की तारीफ करेंगे .और फिर मरने को तैयार करेंगे .मुल्ले मौलवी गायब हो जायेंगे और अपने लोगों की बहादुरी के कारनामों का मस्जिदों में छुप कर बखान करेंगे .और खुल कर कहेंगे "इस्लाम शांति का धर्म है " 
कुछ नेता इस घटना का धिक्कार करके ही अपने कर्तव्य की इति श्री कर देंगे .और देश को लूटने में लग जायेंगे 
लेकिन हम सिर्फ मुस्लिम आतंकवादियों को ही धिक्कार करना काफी नहीं समझते ,बल्कि कुछ और भी हैं ,जिन पर एक की जगह सौ सौ धिक्कार करने लायक मानते हैं .जो इस "धिक्कार पच्चीसी "में दिए गए हैं -
अथ धिक्कार पच्चीसी - 
1 -धिक्कार उन लोगों पर जो 13 जुलाई के मुंबई पर आतंकी हमले को सिर्फ मुम्बई और महाराष्ट्र पर हमला मानते हैं ,लेकिन इसे इस्लामी आतंकवादिओं का भारत पर किया गया हमला मानने से इनकार करते हैं .उन पर सौ बार धिक्कार ! 
2 -धिक्कार उन लोगों पर जिनका इस आतंकी हमले से खून नहीं खौल रहा हो ,लेकिन जो लोग इस्लामी आतंकियों से प्रतिशोध लेने को तय्यार न हो रहे हों .उन पर सौ बार धिक्कार ! 
3 -धिक्कार उन लोगों पर जो कहते हैं कि,आतंकवादियों का कोई धर्म नहीं होता .लेकिन इस बात को नहीं मानते कि सिर्फ मुसलमान ही आतंकवादी होते हैं .उन पर सौ बार धिक्कार ! 
4 -धिक्कार उन लोगों पर जो कहते हैं कि ,इस्लाम का अर्थ शांति होता है .लेकिन यह नहीं मानते कि वास्तव में इस्लाम का तात्पर्य आतंक ही होता है .उन लोगों पर सौ बार धिक्कार ! 
5 -धिक्कार उन लोगों पर जो कहते हैं ,हरेक मुसलमान आतंकवादी नहीं होता .लेकिन इस बात से इंकार करते है कि हरेक आतंकवादी मुसलमान ही होता है .उन लोगों पर सौ बार धिक्कार !
6 -धिक्कार उन लोगों पर जो कहते हैं कि भारत के अधिकाँश मुसलमान देशभक्त हैं ,लेकिन इस बात को नहीं मानते कि सभी मुसलमान भारत पर इस्लामी राज बनाना चाहते हैं .उन पर सौ बार धिक्कार ! 
7 -धिक्कार उन लोगों पर जो कहते है कि मदरसों में बच्चों को इंसानियत का सबक पढाया जाता है ,लेकिन इस बात को कबूल नहीं करते कि मदरसे आतंक के कारखाने हैं .उन पर सौ बार धिक्कार ! 
8 -धिक्कार उन लोगों पर जो आतंकवाद का कारण गरीबी और अशिक्षा को बताते हैं ,लेकिन यह बात नहीं मानते कि मुसलमान पढ़ कर और संपन्न होकर अधिक आतंकी बन जाते हैं .उन पर सौ बार धिक्कार ! 
9 -धिक्कार उन लोगों पर जो मुसलमानों के साथ दोस्ती और भाई चारे की वकालत करते हैं ,लेकिन इस सत्य को स्वीकार नहीं करते कि सभी मुसलमान स्वभाव से अलगाववादी होते है ,और गैर मुस्लिमों को अपना शत्रु मानते है .उन पर सौ बार धिक्कार ! 
10 -धिक्कार उन लोगों पर जो किसी भी आतंकी घटना के लिए बाहरी ताकत का हाथ बताते हैं ,लेकिन देश में बैठे मुसलमानों पर उंगली उठाने से भी डरते है.उन पर सौ बार धिक्कार !
11 -धिक्कार उन लोगों पर जो वर्त्तमान हिजड़ा सरकार के झूठे आश्वासन के भरोसे खुद को सुरक्षित समझ लेते हैं .और खुद दुश्मनों का सफाया खुद नहीं करते ,जबकि जानते हैं कि यही सरकार आतंकवादियों की हिमायती है .उन लोगों की बुद्धि पर सौ बार धिक्कार !
12 -धिक्कार उन हिन्दू उपदेशकों पर जो श्रोताओं को भजन सुना सुना कर मूर्छित कर देते हैं और निकम्मा बना देते हैं ,लेकिन सशश्त्र होने और शत्रु का विनाश करने की शिक्षा नहीं देते .उन पर सौ बार धिक्कार !
13 -धिक्कार उन भक्तों पर जो भगवान को खुश करने के लिए अपने काले धन से देवता की मूर्ति को सोने चांदी के ढेर में दफना देते हैं और इसे ही धर्म समझते है ,लेकिन यह नहीं समझाते कि इतने धन से भारत सेना जैसी तीन सेनाएं बन सकती हैं .जो दो दिन में इस्लामी आताकियों का विनाश कर सकती हैं .उन पर सौ बार धिक्कार !
14 -धिक्कार उन मीडिया वालों पर जो खुद को निष्पक्ष और धर्म निरपेक्ष साबित करनेके लिए खुले आम हिन्दू आतंकवाद शब्द का प्रयोग करते हैं ,लेकिन इस्लामी आतंकवाद शब्द का प्रयोग करने में उन्हें लकवा मार जाता है .उन पर सौ बार धिक्कार !
15 -धिक्कार उन बुद्धि जीवियों पर जो ,एक दो मुसलमान देश भक्तों का उदहारण देकर सभी मुसलमानों को देशभक्त साबित करने में अपनी बुद्धि का गोबर कर देते है .लेकिन करोड़ों मुसलमान आतंकियों के कुकर्मो पर पर्दा डाल देते है .उन पर सौ बार धिक्कार !
16 -धिक्कार उन साहित्यकारों पर जो उर्दू को हिन्दू मुस्लिम एकता का प्रतीक मानते हैं और बड़े शौक से मुशायरे में जाते है .लेकिन नहीं जानते कि उर्दू के कारण ही देश का बटवारा हुआ था .उन पर सौ बार धिक्कार !
17 -धिक्कार उन हिन्दू युवा वैज्ञानिकों पर जो विलासिता और सुख सुविधा की चीजें तो बना सकते हैं ,लेकिन इस्लामी आतंक का जवाब देने के लिए किसी चीज का निर्माण नहीं कर सकते .उन पर सौ बार धिक्कार
18 -धिक्कार उन कवियों पर जो श्रृंगार रस की कविताओं से लोगों की वाहवाही लूटते है और लोगों की वासना भडकाते रहते हैं ,लेकिन वीर रस से लोगों में शत्रुओं के प्रति आक्रोश पैदा नहीं करते .उन पर सौ बार धिक्कार 
19 -धिक्कार उन वोटों के लालची नेताओं पर जो ,सोचते है कि मुसलमानों के वोटों से उनको अखंड राज मिल जायेगा ,लेकिन वह नहीं जानते कि एक दिन यही मुसलमान उनको गुलाम बना लेंगे .उन पर सौ बार धिक्कार 
20 -धिक्कार उन हिन्दू युवकों और युवतियों पर जो सलमान ,आमिर ,शाहरुख जैसे खान नामके नीचों को अपना आदर्श मानकर उनकी तारीफ़ के पागल हो जाते है ,लेकिन यह नहीं जानते कि मुसलमान लडके उन्ही कि नक़ल करके हिन्दू लड़कियों को फस लेते है .और फिर उन लड़कियों से आतंकी काम करवाते है .जो मुसलमानों से दोस्ती करता है ,उस पर सौ बार धिक्कार 
21 -धिक्कार उन संगीत प्रेमियों पर जो बिना समझे सूफी संगीत की धुन और उसके निरर्थक शब्दों पर सांप की तरह डोलने लगते है ,लेकिन नहीं जानते सूफी शब्द का अर्थ मुर्ख होता है .इसकी इजाद भक्ति संगीत को प्रदूषित करने के लिए की गयी थी .फिर भी जो सूफी गाना सुने तो उस पर सौ बार धिक्कार !
22 -धिक्कार उन गाँठ के पूरे और आँख के अंधे हिन्दू अंधविश्वासियों पर जो ,दरगाहों ,मजारों पर सर झुकाते है और चढ़ावा चढाते है .और समझते हैं कि ऐसा करने पर उनकी मुरादें पूरी हो जाएँगी ,क्या वह समझते है कि उनके देवी देवता बूढ़े हो गए हैं या रिटायर्ड हो गए है ,लेकिन यह मुर्ख नहीं जानते कि उन्हीं के चढ़ाये गए धन से आतंकी हथियार खरीदते है और बम बनाते हैं ,जिसका उन्हीं के भाइयों को मारने के लिए प्रयोग किया जाता है दरगाहें वेश्यावृति के अड्डे है.जो नहीं मानता है ,उस पर सौ बार धिक्कार !
23 -धिक्कार उन वकीलों पर जो मुस्लिम आतंकवादियों का केस लड़ने के लिए फ़ौरन राजी हो जाते हैं जबकि जानते हैं कि यह देश का अपराधी है ,लेकिन किसी निर्दोष हिन्दू का केस लड़ने में आनाकानी करते हैं .उन पर सौ बार धिक्कार !
24 -धिक्कार उन पुलिस वालों पर जो किसी भी साधारण से अपराध के आरोप में किसी को भी मार मार कर हत्या तक कर देते हैं ,लेकिन यदि कोई कुख्यात मुस्लिम आतंकवादी होता है तो ,उसे बिना हाथ लगाये आदर से थाने सारी सुविधाएँ उपलब्ध करा देते हैं .ऐसे पुलिस वालों पर सौ बार धिक्कार !
25 -धिक्कार उन लोगों पर जो ,इस धिक्कार पच्चीसी को पढ़कर इसे गंभीरता से नहीं लेते ,और इसे एक अनर्गल प्रलाप मान कर छोड़ देते हैं ,लेकिन जो इसे गंभीरता से पढ़कर समझने बाद भी इसे लोगों तक नहीं पहुंचाएगा ,तो उस पर सौ बार धिक्कार !
-धिक्कार पच्चीसी असमाप्त -


नोट -यह धिक्कार पच्चीसी कभी समाप्त नहीं हो सकती है ,जब तक इस्लाम ,इस्लामी आतंक और मुसलमान इस देश में रहेंगे तब तक .हमारे प्रबुद्ध पाठक चाहें तो धिक्कार चालीसा ,या धिक्कार सतसई भी बना सकते है .
आप की जानकारी के लिए अब तक इस्लामी आतंकवादी घटनाओं की सूची दी जा रही है -

http://en.wikipedia.org/wiki/Chronology_of_major_terrorist_incidents_in_India
 
Writer's Blog: http://www.bhandafodu.blogspot.com/