Saturday, November 15, 2014

मुसलमानों के लिंग पिघल गए !!

 भंडाफोडू

संतोष राय 

लेख  का   ऐसा शीर्षक  पढ़ कर  पाठक  जरूर  हँसेंगे , लेकिन  यह अफरीका के मुस्लिम  देश सूडान  की  राजधानी  खारतूम  की सत्य  घटना  है।  और मुसलमानों  के  अंधविश्वास  , भेड़चाल और मूर्खता   को  साबित  करने के लिए  पर्याप्त  है  ,

चूँकि  इस्लाम  ज्ञान  की  जगह ईमान( अंध विश्वास  )  पर   जोर  देता  है  , और  किसी  भी   तथ्य  को परखने  और  प्रश्न  करने को गुनाह  मानता है , और  मुल्ले  कहते  है  कि अल्लाह को  ईमान   के बारे में अक्ल   का   दखल  करना पसंद नहीं   है  . मुसलमानों  के  कलमए  शहादत   से  उनकी भेड़ चाल   साबित होती   है  , जब  वह  कहते  हैं  "अश्हदु अन्  ला  इलाहा  इल्लल्लाह  , व् अश्हदु अन  मुहमदर्रसूलुल्लाह " अर्थात  " गवाही  देता हूँ अल्लाह के आलावा  कोई  देवता  नहीं  , और  गवाही  देता  हूँ  कि मुहम्मद  अल्लाह   का  रसूल  है   . इस्लाम के  उदय से आज  तक मुसलमान  बिना किसी  सबूत  के  यही  गवाही  देते आ रहे हैं  , लेख   का मुख्य  विषय मुसलमानों   की  ऐसी ही झूठी गवाही देने की आदत , भेड़चाल  और  मूर्खता प्रकट करती है  . यद्यपि   यह  घटना 28  अक्टूबर  2003  की   है  और  लोग  इसे भूल  गए होंगे   . लेकिन  यह घटना  भारत से  सम्बंधित   है  इसलिए  इसे  देना  जरूरी  है  .
सूडान  के  के मुसलमान  चाय  की  जगह गुड़हल   के  फूलों  का चूर्ण उबाल कर  पीते  हैं  , जो  भारत से निर्यात  किया जाता  है   . गुडहल  को  अंगरेजी  में " Hibiscus  "  कहा जाता है  , इसका  बोटेनिकल  नाम  " Hibiscus sabdariffa   "  है  . इसके  लाल  रंग  के फूलों   को  सुखा  कर   चूरा  करके उबाल जाता   है , फिर इसे  चाय की  तरह   पिया  जाता है  , या  ठंडा  करके शरबत की  तरह  पीते हैं.
 अरबी   में  इसे " करदियह -كركديه     " कहते हैं  गुडहल से बनी चाय को प्रयोग सर्दी-जुखाम और बुखार आदि को ठीक करने के लिये प्रयोग की जाती है।
 .http://.wikimedia.org/wikipedia/commons/thumb/9/94/Flor_de_Jamaica.jpg/220px-Flor_de_Jamaica.jpg

सूडान  के  अरबी  अखबार " अल कुदस अल अरबी - لقدس العربي  "  के  अनुसार  दिंनांक  28  अक्टूबर  2003  के अनुसार सूडान की  राजधानी  खारतूम  में जब एक  व्यक्ति  दुकान    से " कर्दियाः " का  पैकेट खरीदने गया  तो  अचानक  उसका लिंग  पिघल कर उसके शरीर  में समां गया  ( his penis melt into his body ) .यही नहीं   दुकानदार का लिंग  भी  थर्राने  लगा (seller felt his penis shivering) .

   ग्राहक  और  दूकानदार  यह चमत्कार  देख  कर बेसुध हो  गए  और  तुरंत  उनको अस्पताल भेज  दिया गया  . सूडानी   अखबार " अल  राइ अल आलम अस सूडान -  -السودان    الرأي العام
  "के  अनुसार उसके  बाद  जिस  भी  मुस्लिम  ने  किसी  गैर  मुस्लिम   से  हाथ  मिलाया   उन  सभी  के लिंग  पिघल   कर गायब   हो  गए।  लोग  इसके लिए भारत से  भेजी गयी चाय  को जिम्मेदार  बताने लगे  .  इसी   तरह  एक  व्यक्ति   ने  अपना  नाम बताये बिना कहा की  जब वह बाजार में  दुकान   से  कंघा  खरीदने गया तो तो उसे  अपने लिंग में अजीब  सी अनुभूति होने लगी , और थोड़ी   ही  देर में  उसे  पता हुआ की वह  अपना लिंग  खो  चूका  है   ( Another victim, who refused to give his name, said that while he was at the market, a man approached him, gave him a comb, and asked him to comb his hair. When he did so, within seconds, he said, he felt a strange sensation and discovered that he had lost his penis ) धीमे  धीमे  फोन  और मोबाईल  से लिंग गायब होने की हजारों  खबरें पूरे खारतूम  में  फ़ैल गयीं  . सारे शहर में हजारों  ऐसे   गवाह  प्रकट हो गए जो   दावा करने लगे कि मेरे सामने  मेरे  अमुक मित्र  या  पड़ौसी  का लिंग गायब  हो गया  . जब हजारों   लोग कसम खाकर  यही  गवाही देने लगे तो   . खारतूम  के एटॉर्नी  जनरल " ( Attorney General    )सलाह  अबू  जैद (  Salah Abu Zayed  )  ने आदेश   दिया  की  जिनके  भी  लिंग   गायब   हो   गए हैं उन  सभी को एक  विशेष मेडिकल  कमिटी  के  सामने  जाँच   के लिए  प्रस्तुत  किया  जाए  . जो  लिंग गायब  होने  का  कारण   पता  करे  ,

लेकिन   जाँच  के बाद जो  भी पता  चला , वह  काफी  हास्यास्पद  है  , क्योंकि  सभी  के लिंग सलामत थे। सभी  शिकायत कर्ता  स्वस्थ  थे। सभी  मुसलमान लिंग गायब   होने  की झूठी  शिकायतें   कर  रहे  थे  , और  उनके मित्र  इसलिए झूठी  गवाही  दे रहे थे , क्योंकि उनका कलमा  खुद  झूठी  गवाही  देने की  शिक्षा  देता  है।

निष्कर्ष - .जिस  तरह  से  सूडान   के  मुसलमान  बिना  किसी  प्रमाण  के  लोगों  के  लिंग  पिघलने की  बात किसी से सुन  कर  दूसरों   तक  फैलाते  रहे  और लोग  सुनी  सुनाई  बातों   पर  गवाही  देते  रहे  , उसी  तरह  सभी  मुसलमान  कलमा   पढ़ कर  रोज  झूठी  गवाही   देते हैं  , कि  मुहम्मद अल्लाह के रसूल  है ,
न्याय  शाश्त्र   के  अनुसार ऐसी  गवाही  को " श्रुतानुश्रुति साक्ष्य "  कहा  जाता   है   . सामान्य   अंगरेजी में  इसे   "Hearsay evidence     "  इसे   "  disambiguation  "   भी  कहते  हैं .भारतीय साक्ष्य  अधिनियम (  the Indian Evidence Act, 1872  ) की धारा 32  और 60   में श्रुतानुश्रुति   गवाही  की परिभाषा   इस प्रकार दी  गयी   है ,

"HEARSAY EVIDENCE. The evidence of those who relate, not what they know themselves, but what they have heard from others.
     2. As a general rule, hearsay evidence of a fact is not admissible. If any fact is to be substantiated against a person, it ought to be proved

Oral  testimony about an out-of-court statement attributed to someone other than the testifying person. Such evidence is generally inadmissible because the person to whom the statement is attributed cannot be cross-examined

अर्थात  -श्रुतानुश्रुति ऐसी  गवाही    होती  है  जिसके बारे में  गवाह  खुद  नहीं   जानता  हो  , और  उसने  सारी  बातें   दूसरों    से सुनी  हों   . और सामान्य  नियम  के  अनुसार  ऐसी  गवाही  स्वीकार्य   नहीं   हो  सकती , जब तक तथ्य    प्रमाणित  नहीं किये  जाएँ   , 2 . ऐसी  गवाही   इसलिए भी स्वीकार्य नहीं  हो सकती क्योंकि अदालत  में बहस  के लिए गवाह   को  प्रस्तुत   नहीं   किया  जा  सकता   है  .
इसलिए   लोगों   को  समझ   लेना चाहिए कि  यदि  सारे मुसलमान  गरम  तवे    पर बैठ   कर भी  गवाही  दें  कि केवल  अल्लाह  की ही  इबादत करो और मुहम्मद   अल्लाह  के  रसूल  है  . तो  उनकी   इस बात पर  हरगिज   विश्वास   नहीं  करना   , क्योंकि  यह बात उसी  तरह झूठ  है   जैसे  लिंग पिघलने की  बात है  .




 http://www.businessdictionary.com/definition/hearsay-evidence.html#ixzz3GBbWO3is


http://wikiislam.net/wiki/Muslim_Conspiracy_Theories


आप हमारे इस लेख को यहां भी पढ़ सकते हैं:

 http://bhaandafodu.blogspot.in/2014/10/blog-post.html

Wednesday, October 1, 2014

आतंकवादी दाउद इब्राहीम के हाथ लम्बे हैं और सरकार लाचार


डॉ संतोष राय

(हमाम में कई लोग नंगे क्या होगा राष्ट्र का किस पर करें विश्वास)

राष्ट्रीय राजधानी इन्द्रप्रस्थ : यदि हिन्दुओं में जयचंद नहीं हुआ होता तो आज भारत हिन्दू राष्ट्र होता, आज स्थिति यह है की कांग्रेस, एनसीपी यहाँ तक की भाजपा में भी हिन्दू विरोधी और राष्ट्रद्रोही तत्व है !

12 मार्च 1993 के दिन सिर्फ दो घंटे 12 मिनट में मायानगरी मुंबई ने 12 धमाके झेले, इन धमाकों ने 257 लोगों की जानें गईं और करीब 700 लोग जख्‍मी हुए ! देश में आतंक का यह पहला और उस समय तक का सबसे बड़ा हमला था. और इस हमले के बाद अंडरवर्ल्‍ड डॉन दाऊद इब्राहिम पाकिस्‍तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई की गोद में जा बैठा और इस आतंकवादी के सम्बन्ध उस समय के कांग्रेस के नेताओं से थे और ये सम्बन्ध अब तक बने रहे यहाँ तक की खुफिया रिपोर्ट तक बदलवाने की चेष्टा हुई और तो और वोहरा कमिटी की रिपोर्ट तक दबा दी गई ! खुफिया एजेंसी ने तो कई कद्दावर कांग्रेस नेताओं के नाम उजागर किये थे और बाद में कुछ लोग एनसीपी से जुड़े रहे और उस रिपोर्ट में कई हवाला कारोबारी,बिल्डर तथा अन्य अपराधियों के भी नाम थे यहाँ तक की उस रिपोर्ट में गुजरात भाजपा से जुड़े कुछ नेताओं का भी नाम था और ये लोग दाउद इब्राहीम के संपर्क में रहे !

ऐसी ही रिपोर्ट सेना के एक अधिकारी कर्नल श्रीकांत प्रसाद पुरोहित ने बनाई थी जो की मालेगांव बम ब्लास्ट जैसे झूठे मुक़दमे में जेल में है और उन्होंने लिखा था की कांग्रेस, एनसीपी के कई नेता ISI के लोगों के संपर्क में है यहाँ तक संघ का एक प्रमुख पदाधिकारी भी !

सन 2004 में पाकिस्तान की यात्रा कांग्रेस के एक नेता ने की थी और वह नेता कभी एनसीपी के प्रमुख नेता का ख़ास माना जाता था और वहां उसकी मुलाकात भारत के शत्रु दाउद से होती है और उस नेता का ख़ास रिश्तेदार आज मोदी सरकार में मंत्री भी है ! सूत्रों से यह भी ज्ञात हुआ की दाउद चाहता था की पाकिस्तान में रॉ के अधिकारीयों के पर काटे जाएँ और उस नेता ने आश्वासन दिया था की कुछ न कुछ अवस्य किया जायेगा ! दाउद की पहुँच नेताओं तक ही नहीं भारत के कई आईएस, आईपीएस, आईएफएस, यहाँ तक की न्यायपालिका के कई अधिकारिओं तक थी !

अब मोदी जी प्रधानमंत्री है और राजनाथ सिंह जी गृह-मंत्री है और क्या कारण है की देशद्रोही नेताओं पर कार्यवाही क्यों नहीं की जा सकती ! पुर्व प्रधानमंत्री स्व. पी. वी. नरसिम्हाराव ने देशभक्ति का परिचय दिया था और उन्होंने देशद्रोह के मामले में अपनी ही पार्टी के नेता कल्पनाथ राय को टाडा में जेल भिजवा दिया था लेकिन आगे वो कुछ कार्यवाही करते उनके खिलाफ ही विद्रोह होने लगा ! जम्मू कश्मीर के राज्यपाल आज तक वोहरा जी है और उन्हें अपना मुंह न खोलने की कीमत पर कांग्रेस व एनसीपी ने मिल कर राज्यपाल बनाया और अब क्या कारण है की मोदी सरकार भी उन्हें उसी पद विराजमान रखे हुए है !

महाराष्ट्र में एनसीपी ने कांग्रेस से जो गठबंधन तोडा है वो तो बस ड्रामा उसके पीछे कई राज हैं और भाजपा को शिवसेना से गठबंधन भी तोड़ना था !

मैंने जो भी बातें लिखी हैं डंके की चोट पर लिखी हैं और मैंने कुछ भी मन-गड़ंत कहानी नहीं लिखी है अपितु साक्ष्यों के आधार पर लिखा है ! बहुत कुछ तो मैंने लिखा ही नहीं है और मुझे पता है की यदि ये बाते मैंने प्रेस के माध्यम से लिखी होती तो मेरी जान को खतरा हो सकता है ! आज के इस लेख से बहुत लोगों के पेट में दर्द शुरू हो जायेगा ! भारत की जनता तय करे की राष्ट्रद्रोहियों के साथ क्या किया जाय !

भारत माता की जय ! जय हिन्दू राष्ट्र ! वन्देमातरम !

Tuesday, July 15, 2014

जिहाद के लिए नए तरीके



इस्लाम के प्रारम्भ से लेकर आधुनिक काल तक मुसलमान जिहाद के लिए तलवार का प्रयोग किया करते थे लेकिन विज्ञानं के इस वर्त्तमान काल में मुसलमानों ने जिहाद के लिए नए तरीके निकाल लिए हैं।
जैसे "लव जिहाद " और "ब्लोगिंग जिहाद " सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जिहाद के इन सभी नए तरीकों में अकसर भोली भाली हिन्दू लड़कियों या युवकों को निशाना बनाया जाता है और इंटरनेट या   टी. वी. सीरियल के माध्यम से इस्लाम के अत्याचारी रूप पर बुरका डालने की कोशिश की जाती है और हिन्दू धर्म में कमियां निकाल कर लोगों को इस्लाम के प्रति आकर्षण पैदा करने का प्रयत्न किया जाता है। अपनी इस कपटी योजना को सफल करने के लिए जेहादी मानसिकता वाले  एक तरकीब अपनाते हैं कि सबसे बड़े अत्याचारी, अय्याश, हिन्दू विरोधी मुसलमान बादशाह को न्यायी, धर्मनिरपेक्ष,सदाचारी और दयालु साबित करने लगते हैं .इसका ताजा उदाहरण टी .वी सीरियल " जोधा अकबर " है . जिसे हिन्दू महिलाएं भी नियमित रूपसे देखती हैं .जिस से उनका "ब्रेन वाश " किया जा रहा है .1-जोधा अकबर सीरियल इस सीरियल का निर्माण और प्रदर्शन बाला जी टेली फिल्म्स के बैनर से एकता कपूर कर रही है . और 18जून सन 2013 से यह सीरियल शनिवार और रविवार को छोड़कर रोज रात 8.00 पर जी टी .वी .पर दिखाया जा रहा है . लेकिन बहुत कम लोग जानते होंगे कि इस सीरियल का " पट लेखक (Script Writer ) एक कट्टर जिहादी विचार रखने वाला व्यक्ति है . जिसका नाम "नावेद असलम " है .इसने"जामिया मिल्लिया इलामिया " से सन 1989 में स्नातक की डिग्री ली थी . जामिया इस्लाम के कट्टरवादी और जिहादी विचारों का गढ़ माना जाता है .लोगों को याद होगा कि पहले महराणा प्रताप के बारे में एक सीरियल निकला था . जिसमे राणा को एक हिन्दू धर्म का रक्षक और अकबर को अत्याचारी बताया गया था .इसलिए लोगों के दिमाग से राणा की वह छवि मिटाने और अकबर को एक सेकुलर और सभी धर्मों का आदर करने वाला बादशाह साबित करने के लिए नावेद असलम ने मुल्लों के इशारे पर इस सीरियल की पटकथा लिखी है . जो सरासर झूठ और निराधार है . यहाँ पर अकबर की असलियत के कुछ नमूने संक्षित में दिये जा रहे हैं .~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
2-अकबर की पत्नियां और रखेल ====हकीकत यह है कि अकबर के सभी पूर्वज बाबर, हुमायूं, से लेकर तैमूर तक सब भारत में लूट, बलात्कार, धर्म परिवर्तन, मंदिर विध्वंस, आदि कामों में लगे रहे. वे कभी एक भारतीय नहीं थे और इसी तरह अकबर भी नहीं था. और इस पर भी हमारी हिंदू जाति अकबर को हिन्दुस्तान की शान समझती रही! अकबर एक कट्टर सुन्नी मुसलमान था ,इसने अपने नाम में मुहम्मद शब्द जोड़ लिया था. जिस से इसका पूरा नाम "जलालुद्दीन मुहम्मद अकबर " हो गया .और जैसे मुहम्मद साहब ने कई पत्नियाँ और रखैलें रखी थीं.लेकिन अकबर ने मुहम्मद साहब से कई गुना अधिक औरतें और रखेलें रख ली थीं ,जिन्हें लौंडियाँ कहा जाता है .मुसलमानअकबर की सिर्फ तीन औरतें बताते हैं,
1.रुकैय्या बेगम ,जो अकबर के फूफा बैरम खान की विधवा थी 2.सलीमाँ बेगम जो अकबर की चचेरी बहिन थी .
3. लोग जोधा बाई को अकबर की तीसरी पत्नी बताते हैं .इसका असली नाम हीरा कुंवरी या रुक्मावती था,यह आम्बेर के राज भारमल की बड़ी बेटी थी.लोग इसी को जोधा कहते हैं .जोधा अकबर से आयु में बड़ी थी .और राजा मानसिंह की बहिन लगती थी ,जिसे अकबर ने अपने नवरत्नों में शामिल कर लिया था जोधा और अकबर की शादी जयपुर के पास साम्भर नाम की जगह 20 जनवरी सन 1562 को हुई थी .वास्तव में राजा भारमल ने जोधा की डोली भेजी थी . जिसके बदले अकबर ने उसे मनसबदरी दी थी .लेकिन वास्तविकता कुछ और है ,अबुल फज़ल ने अकबर के हरम को इस तरह वर्णित किया है- अकबर के हरम में पांच हजार औरतें थीं और हर एक का अपना अलग घर था.ये पांच हजार औरतें उसकी 36 पत्नियों से अलग थीं.आइन ए अकबरी में अबुल फजल ने लिखा है- शहंशाह के महल के पास ही एक शराबखाना बनाया गया था. वहाँ इतनी वेश्याएं इकट्ठी हो गयीं कि उनकी गिनती करनी भी मुश्किल हो गयी. दरबारी नर्तकियों को अपने घर ले जाते थे. अगर कोई दरबारी किसी नयी लड़की को घर ले जाना चाहे तो उसको अकबर से आज्ञा लेनी पड़ती थी. कई बार जवान लोगों में लड़ाई झगडा भी हो जाता था. एक बार अकबर ने खुद कुछ वेश्याओं को बुलाया और उनसे पूछा कि उनसे सबसे पहले भोग किसने किया”.आइन ए अकबरी में अबुल फजल ने लिखा है- शहंशाह के महल के पास ही एक शराबखाना बनाया गया था. वहाँ इतनी वेश्याएं इकट्ठी हो गयीं कि उनकी गिनती करनी भी मुश्किल हो गयी. दरबारी नर्तकियों को अपने घर ले जाते थे.
अगर कोई दरबारी किसी नयी लड़की को घर ले जाना चाहे तो उसको अकबर से आज्ञा लेनी पड़ती थी. कई बार जवान लोगों में लड़ाई झगडा भी हो जाता था. एक बार अकबर ने खुद कुछ वेश्याओं को बुलाया और उनसे पूछा कि उनसे सबसे पहले भोग किसने किया”.
रणथंभोर की संधि में अकबर महान की पहली शर्त यह थी कि राजपूत अपनी स्त्रियों की डोलियों को अकबर के शाही हरम के लिए रवाना कर दें यदि वे अपने सिपाही वापस चाहते हैं.ग्रीमन के अनुसार अकबर अपनी रखैलों को अपने दरबारियों में बाँट देता था. औरतों को एक वस्तु की तरह बांटना और खरीदना अकबर की की नीति थी .विन्सेंट स्मिथ जैसे अकबर प्रेमी को भी यह बात माननी पड़ी कि चित्तौड़ पर हमले के पीछे केवल उसकी सब कुछ जीतने की हवस ही काम कर रही थी. वहीँ दूसरी तरफ महाराणा प्रताप अपने देश के लिए लड़ रहे थे और कोशिश की कि राजपूतों की इज्जत उनकी स्त्रियां मुगलों के हरम में न जा सकें~~~~~~~~~~~~~~~~~
3-अकबर की कुरूपता ==========इतिहास की किताबों और मुग़ल काल की पेंटिंग में अकबर को एक स्वस्थ और रौबदार चहरे वाला सुन्दर व्यक्ति चित्रित किया जाता ,लेकिन,“अकबर एक औसत दर्जे की लम्बाई का था. उसके बाएं पैर में लंगड़ापन था. उसका सिर अपने दायें कंधे की तरफ झुका रहता था. उसकी नाक छोटी थी जिसकी हड्डी बाहर को निकली हुई थी. उसके नाक के नथुने ऐसे दीखते थे जैसे वो गुस्से में हो. आधे मटर के दाने के बराबर एक मस्सा उसके होंठ और नथुनों को मिलाता था. वह गहरे रंग का था”~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
4-अकबर की धर्म निरपेक्षता=======आजकल बच्चों को इतिहास की किताबों में पढाया जाता है ,कि अकबर सभी धर्मों का आदर करता था . और यहाँ तक कि उसने जोधा बाई को भी एक मंदिर भी बनवा दिया था ,जिसने वह हिन्दू रीती के अनुसार पूजा ,आरती और कृष्ण की भक्ति किया करती थी ,यही" मुगले आजम " पिक्चर में भी दिखाया था .जो के.आसिफ ने बनायीं थी . लेकिन वास्तविकता यह है कि जोधा से शादी के कुछ समय बाद अकबर ने जोधा को मुसलमान बना दिया था . और उसका इस्लामी नाम ",मरियम उज्जमानी ( ﻣﺮﻳﻢ ﺍﺯﻣﺎﻧﻲ) रख दिया था .और 6 फरवरी सन 1562को इसलामी तरीके से निकाह पढ़ लिया था .और इसीलिए जब जोधा मर गयी तो उसका हिन्दू रीती से दाह संस्कार नहीं किया गया,बल्कि एक मुस्लिम की तरह दफना दिया गया.आज भी जोधा की कबर अकबर की कबर जो सिकन्दरा में है उस से से कुछ किलोमीटर बनी है ,देखी जा सकती है .यही नहीं अकबर ने अपनी अय्याशी के लिए इस्लाम का भी दुरुपयोग किया था ,चूँकि सुन्नी फिरके के अनुसार एक मुस्लिम एक साथ चार से अधिक औरतें नहीं रखता . और जब अकबर उस से अधिक औरतें रखने लगा तो ,काजी ने उसे टोक दिया .इस से नाराज होकर अकबर ने उस सुन्नी काजी को हटा कर शिया काजी को रख लिया , क्योंकि शिया फिरके में असीमित अस्थायी शादियों की इजाजत है , ऐसी शदियों को " मुतअ " कहा जाता है .आज भीमुसलमान अपने फायदे के लिए कुरान की व्याख्या किया करते हैं~~~~~~~~~~~~~~~~~

4-बादशाह की रहमदिलीमुसलमान अकबर को न्यायी दयालु नरमदिल बताते हैं ,लेकिन यह भी झूठ है ,क्योंकि,जब 6 नवम्बर 1556को 14साल की आयु में अकबर महान पानीपत की लड़ाई में भाग ले रहा था. हिंदू राजा हेमू की सेना मुग़ल सेना को खदेड़ रही थी कि अचानक हेमू को आँख में तीर लगा और वह बेहोश हो गया. उसे मरा सोचकर उसकी सेना में भगदड़ मच गयी. तब हेमू को बेहोशी की हालत में अकबर महानके सामने लाया गया और इसने बहादुरी से हेमू का सिर काट लिया और तब इसे गाजी के खिताब से नवाजा गया. इसके तुरंत बाद जब अकबर महान की सेना दिल्ली आई तो कटे हुए काफिरों के सिरों से मीनार बनायी गयी जो जीत के जश्न का प्रतीक है और यह तरीका अकबर महान के पूर्वजों से ही चला आ रहा है.हेमू के बूढ़े पिता को भी अकबर महान ने कटवा डाला. और औरतों को उनकी सही जगह अर्थात शाही हरम में भिजवा दिया गयाचित्तौड़ पर कब्ज़ा करने के बाद अकबर महान ने तीस हजार नागरिकों का क़त्ल करवाया.2सितम्बर 1573के दिन अहमदाबाद में उसने2000दुश्मनों के सिर काटकर अब तक की सबसे ऊंची सिरों की मीनार बनायी. वैसे इसके पहले सबसे ऊंची मीनार बनाने का सौभाग्य भी अकबर महान के दादा बाबर का हीथा. अर्थात कीर्तिमान घर के घर में ही रहा!अकबरनामा के अनुसार जब बंगाल का दाउद खान हारा, तो कटे सिरों के आठ मीनार बनाए गए थे. यह फिर से एक नया कीर्तिमान था. जब दाउद खान ने मरते समय पानी माँगा तो उसे जूतों में पानी पीने को दिया गया.अकबर ने मुजफ्फर शाह को हाथी से कुचलवाया. हमजबान की जबान ही कटवा डाली. मसूद हुसैन मिर्ज़ा की आँखें सीकर बंद कर दी गयीं. उसके 300साथी उसके सामने लाये गए और उनके चेहरे पर गधों, भेड़ों औरकुत्तों की खालें डाल कर काट डाला गया. विन्सेंट स्मिथ ने यह लिखा है कि अकबर महान फांसी देना, सिर कटवाना, शरीर के अंगकटवाना, आदि सजाएं भी देते थे.~~~~~~~~~~~~~~~~~~

गीतू शर्मा के फेसबुक वाल से

प्रस्‍तुति- डॉ0 संतोष राय 

इसको कृपा करके पूरा पढ़ो आपकी आत्मा तड़प उठेगी


ये दुनिया का सब से बड़ा दिल दहलाने वाला बच्चों को सेक्शुअल नरसंहार था जो इतना दर्दनाक था की पूरी दुनिया दरिंदे मुसलमानो के द्वारा किए गये इस कृत्य पर सन्न रह गयी.. भारत तक ही नही पूरी दुनिया के न्यूज़ में इस नरसंहार की कहानी पूरी नही आने दी गयी ..
बेसलान के एक बच्चों के स्कूल में अचानक मुस्लिम हमलावरों ने इतिहास का सब से घिनौना हमला बोला ..वो लोग अंदर घुस गये .. इस हमले में जो मुसलमानो ने किया वो आज तक किसी मीडीया ने बोलने की हिम्मत नही दिखाई.. अंदर घुसते ही जो भी स्कूल के अंदर पुरुष थे उनको तुरंत ही मार दिया गया ताकि किसी तरह के प्रतिरोध की संभावना ना रहे..
इसके बाद जैसे ही इनकी नज़रें डरी हुई और बेसहारे स्कूल की छोटी बच्चियों पर गयीं .. इनकी आँखों मे वासना उभर उठी ..इनके अंदर का शैतान अल्लाह जाग उठा ..
बेसलान स्पष्ट रूप से एक यौन हत्या थी. मुसलमान इस स्कूल में आतंकवाद से भी ज़्यादा की दरिंदगी दिखना चाहते थे ..
अल्लाह के सेक्स हत्यारों ने अब सभी छोटी छोटी बच्चियों की तरफ देखा .. उन सबको अंदर बने एक जिम हॉल में ले गये ..
इसके बाद छोटी छोटी बच्चियों की चीखती आवाज़ें इनके ज़ुल्म के आगे दब कर रह गयी ...अपने ही सारे दोस्तों के सामने अपमानित होती रही ...
बारी बारी से ३ साल ५ साल की एक एक बच्ची के साथ कई कई मुसलमानो ने बलात्कार किया गया.. ना सिर्फ़ मुस्लिम हैवानों ने बलात्कार किया बल्कि बच्चों के गुप्तांगों में अपने बंदूकों और अन्य वस्तुओं को ... ****####@@@
दूसरे सारे बंधक बच्चों को ये सब देखने को मजबूर किया गया .. और आतंकवादी हंस रहे थे..
जितना बच्चों के गुप्तांगों से खून निकलता .. मुसलमान उतनी ही ज़ोर से हंसते ..
बहुत सारी छोटी छोटी बच्ची ज़्यादा ब्लीडिंग की वजह से वहीं उसी वक़्त मर गयी .. रेप करने के दौरान दरिंदे वीडियो शूट भी कर रहे थे... खून से फर्श लाल हो गयी थी
लड़कियाँ इस रेप में और हथियार के गुप्तांगों में डालने के वजह से खून से सन गयीं.. जिस्म से इतना खून निकला की तत्काल चिकित्सा नही होने की वजह से वहीं चीखती चिल्लती मासूमों ने दम तोड़ दिया ..
लेकिन इन सब के बाद भी मुसलमानो का दिल सिर्फ़ रेप से और हत्या से नही भरा था .. सारे मुसलमानो ने छोटे छोटे बच्चों को पीटना शुरू किया .. बुरी तरह पीटा ..
वास्तव मे पिटाई तो वो शुरू से ले कर अंत तक करते रहे .. इस दौरान मुसलमान खुश होते.. हंसते ..
आतंकवादियों ने बच्चों को खूब लहू लुहान किया... और खूब ठहाके लगाए .. जैसे जैसे समय बीता .. मुसलमानो के ज़ुल्म और बढ़ते गये.. जब बच्चों ने प्यास के मारे पानी माँगा तो वो लोग हँसे ... मज़ाक उड़ा रहे थे...
उस दिन मौसम भी अजीब था बाहर जबरदस्त गर्मी थी और अंदर के उस हॉल में एयर कंडीशनर भी काम नही कर रहा था..बच्चे प्यास से तड़प रहे थे .. पानी माँग रहे थे
पीड़ित बच्चों के हालत और बुरे उस वक़्त हो गये जब उन दरिंदों ने बच्चों को अपना पेशाब पीने पर मजबूर किया .. कुछ मामलों में तो बंधकों के उपर ही पेशाब किया ..
आतंकवादियों ने एक गेम खेला.. बच्चों के सामने जो बहुत ही ज़्यादा प्यासे थे .. उनके सामने पानी के बर्तन को रख दिया और कहा जो इसको पीने आएगा उसको मैं गोली मार दूँगा ..
जब बच्चों ने पुपचा की क्या वो रेस्ट रूम मे जा कर पानी पी सकते हैं तो उस मे से एक आतंकी मुस्लिम ने कहा कि .. हम तुम्हारे अंकल नही बल्कि आतंकवादी हैं और तुम्हे मारने आए हैं.. इसके बाद बच्चों को मे अपनी मौत का ख़ौफ़ समा गया ... अपने आपको ज़िंदा बच पाने की उम्मीद ख़त्म हो गयी.. बच्चे डर कर चिल्ला भी नही पा रहे थे क्यूँ की ऐसा करने पर उनको मारा जाता पीटा जाता...बच्चों को लगा अगर वो चिल्लाएँगे तो ये लोग उनको गोली मार देंगे
अब तक स्कूल के बाहर भीड़ लग चुकी थी...आतंकी अंदर से खड़े हो कर नगरवासियों पर कॉमेंट करते... अंडे फेंकते... हंसते.. और ये सब रात तक चलता रहा ... बच्चों के उपर इनकी क्रूरता जारी रही .. रात को इन्होने बच्चों को ही कहा की वो नंगे बलात्कार किए हुए मर चुके बच्चों की लाशों को उठा कर के पीछे फेंक कर आयें
इस बीच रशियन सैनिकों ने स्कूल को घेर लिया था.. .समझौते की कोशिशें जारी थी .. सैनिकों ने आतंकवादियों से खाना खाने के लिए फुड देने की बात की पर आतंकियों ने इनकार कर दिया .. क्यूँ कि उन्हे उसमे ज़हर होने का डर था
इस बीच रूस की सब से अच्छी फोर्स Alpha and Vympel (Russia Special forces) आ चुकी थी ..
आतंकियों ने साफ कर दिया था की अगर गैस का इस्तेमाल हुआ आ बिजली काटी गयी तो वो तुरंत बच्चों को मार देंगे ..
आतंकवादी इन फोर्स के पहले की सारी काररवाई की छानबीन कर ली थी .. उन्होने थकान और नींद भगाने वाली दवाई amphetamines लाए थे ..
रूसी विशेष बलों ने विभिन्न तकनीकों का उपयोग करते हुए स्कूल पर हमला कर दिया टैंक से .. बंदूक से ... विस्फोट ए .. हर तरह से हमला किया गया . स्पेशल फोर्स के कमांडो भी जान पर खेल गये ..लेकिन उस अभागे दिन सिर्फ़ रक्तपात को छोड़ कर और कुछ हासिल नही हो पाया

३३० लोग मारे गये जिस मे से १८० छोटे छोटे मासूम बच्चे थे .. बच्चों को गोली मार दी गयी थी ...१८ महीने के बच्चे तक को चाकू घोंप घोंप कर मारा गया था ..२४७ बच्चे जो गंभीर रूप से घायल थे उनको इलाज के तुरंत बाद मास्को सर्जरी के लिए भेजा गया ... कई फोर्स के सैनिक भी मारे गये थे... ३ दिन तक बंधक बच्चों पर ये ज़ुल्म ढाते रहे थे....

अंत में चारो तरफ बच्चों की लाशों को देख कर उनके माँ बाप के चीख पुकार और रोने की आवाज़ से पूरा इलाक़ा दहल उठा.. जो बच्चे स्कूल से निकल रहे थे सब खून से सने हुए थे.. लाशों के ढेर लगे थे ... इस्लाम ने सबकी खुशियाँ छीन ली...
भारत के लोगों अगर अपने नन्हे नन्हे बच्चों से भी तुम्हे प्यार है तो सेकूलरिस्म त्याग दो वरना ... अपने बच्चों के बलात्कार और हत्या के ज़िम्मेदार तुम होगे ..


"जन-जागरण लाना है तो पोस्ट को Share करना है।"

अनुज मिश्र के फेसबुक वाल से 

प्रस्‍तुति- डॉ0 संतोष राय 

Thursday, July 10, 2014

ईश्वर की अराधना करें न की मृत्यु को प्राप्त मनुष्यों की - Dr Santosh Rai

डॉ संतोष राय
वरिष्ठ नेता - हिन्दू महासभा 

चूँकि सनातन वैदिक धर्म इस संसार का आदि धर्म है और यह भी मान्यता है की जब से सृष्टि का सृजन हुआ है तभी से सनातन धर्म है  सनातन धर्म का न तो कोई आदि है और न ही कोई अंत  भारतवर्ष एक महान राष्ट्र है और सनातन धर्म से ही विभिन्न पंथों का भी सृजन भी इसी राष्ट्र में हुआ है इसलिए भारत को विश्व गुरु कहा जाता था लेकिन किन्ही अन्य परिस्थितियों के कारण भारत की पहचान खतरे में है  भारत में अवतरित विभिन पंथों जैसे जैन, बौद्ध, लिंगायत, सिख इत्यादि में एक बात मुख्य है की सभी ओंकार(ॐ) को मानते हैं  यहाँ तक नास्तिक दर्शन(ईश्वरीय सत्ता को न माने वाले) भी भारत के दार्शनिक चार्वार्क की ही देन है लेकिन चार्वार्क ने कभी विदेशी मत या मजहब को समर्थन भी नहीं दिया 

में एक सनातन धर्मी हूँ फिर हिन्दू हूँ और मेरी यही पहचान है और में कई बार अपने पूर्व के लेखों में स्पष्ट कह चूका हूँ की मुझे हिन्दू भौगोलिक रूप से कहा जाता है न की धार्मिक पहचान से और यही सत्य है  भारत के आदि ग्रंथों में कहीं भी हिन्दू शब्द का उल्लेख नहीं है और विदेशी और अरबी आक्रान्ता जब भारत पर आक्रमण करते थे तो सिन्धु घाटी और सिन्धु नदी को पार करके आना होता था और अरबी में "स" शब्द है ही नहीं तो ये अरबी लोग "स" की जगह "ह" शब्द का प्रयोग कर सिन्धु को हिन्दू कहने लगे और यह हिन्दू नाम प्रचलित हो गया और हम हिन्दू हैं 

भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाने के लिए कई षड्यंत्र रचे गए और आज भी षड्यंत्र हो रहे हैं और अब इसी हिन्दू संस्कृति को समाप्त करने के लिए अरबी मजहब और सनातन धर्म को तोड़-मरोड़ कर अवतार या देवता घोषित करके काफी प्रयत्न हो चुके हैं और हो भी रहे हैं  कुछ दिवस पूर्व ही द्वारका पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद जी महाराज जी ने साईं बाबा को सनातन धर्म मंदिरों में देवताओं की तरह पूजा जाने का खंडन किया था और उन्होंने यह खंडन आज से 15 वर्षों पूर्व भी किया था और इस खंडन को मात्र शिवसेना के मुखपत्र "सामना" ने छापा था और किसी अन्य ने छापने की हिम्मत नहीं दिखाई  और उस समय स्वामी स्वरूपानंद जी के सम्बन्ध शिव सेना के संस्थापक बाला साहेब ठाकरे से भी थे  लेकिन आज भारत के Sickular Media और कुछ तथाकथित हिन्दूवादियों के पेट में दर्द हो गया की स्वामी स्वरूपानंद कांग्रेसी है और इनकी हिम्मत कैसे हुई साईं बाबा को चाँद मियां यानी मुसलमान कहने की 

साईं चरित्र स्वतः सिद्ध कर रही है की बाबा मलेक्ष अथवा यवनी थे और शिर्डी स्थित उनकी कब्र यानी मजार है जिसे कुछ साईं भक्त कहते हैं की ये कब्र नहीं समाधि है तो मेरा यह कथन है की सनातन परंपरा का संत समाधि लेता है और मुसलमान फ़क़ीर की कब्र बनाई जाती है  कब्र में मुसलमानों को सीधा भूमि में दफना दिया जाता है जबकि हिन्दुओं में संतों को पद्मासन की मुद्रा में भूमि या जल में समाधि दी जाती है  साईं बाबा के किसी भी धर्म ग्रन्थ में अवतार होने या देव होने के बारे में कहीं कोई प्रमाण नहीं है और सनातन धर्म में अवतारी न तो बीड़ी या चिलम का सेवन करेगा या न ही बकरीद के दिन बकरे को हलाल करेगा और न ही नमाज पढ़ेगा 

अराधना या पूजा किसकी की जाये और किसकी प्रतिमा बनाकर पूजनी चाहिए इत्यादि का वर्णन हमारे शास्त्रों में है और परमात्मा या अवतारी किसे कहा जाये इसके बारे में भी वर्णन है 

1. ध्यानयोग की सिद्धि के लिए प्रतिमा की उपयोगिता जानी समझी गई है  देवी-देवताओं की प्रतिमाएं बनवाई जानी चाहिए क्योंकि वे श्रेयष्कर और स्वर्गदायिनी होती हैं जबकि मनुष्यादि की मूर्तियाँ नरकदायिनी और अशुभ होती हैं ! - शुक्रनीतिसार 4/4/79,74

2. देवमूर्तियाँ शास्त्रोक्त मान से अधिक और हीन न होने पर ही रम्य जानी गई हैं  यदि देव प्रतिमा शास्त्रोक्त लक्षण से हीन हो तो भी मनुष्यों के लिए श्रेयष्कर होती हैं किन्तु मरणधर्मा मनुष्यों की मूर्तियाँ शास्त्रोक्त लक्षणों से युक्त होने पर भी कभी कल्याणकारी नहीं होती  शुक्रनीतिसार 4/4/75-76

3. विष्णु-पुराण 6/5/74-78 में भगवान् शब्द के सन्दर्भ में लिखा है :

                                           ऐश्वर्यस्य समग्रस्य धर्मस्य यशसशिश्रय: 
                                           ज्ञानवैराग्य ज्ञान वैराग्ययोश्चश्चैव पण्णाम् भग इतिरणा ।।

                                           उत्पत्तिं प्रलयं चैव भूतानागती गतिम् 
                                           वेत्ति विद्याविद्यां च स वाच्यो भगवानिति ।।

(परम ऐश्वर्य, धर्म, यश, श्री, ज्ञान और वैराग्य - इन छह भगों की परिपूर्णता  से जो युक्त होता है वह भगवान् है ! समस्त प्राणियों के उत्पत्ति-नाश, अगति-गति और विद्या-अविद्या को भली-भाँती जानने वाला परमात्मा ही भगवान् कहलाता है ) 

4. सिखों के दसम गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज (1718-1765 विक्रमी) कृत चौबीस अवतार कथा में कलियुग के अवतारों में 23वें और 24वें स्थान पर क्रमशः बुद्ध और निहकलंक = कल्कि का उल्लेख है । बुद्ध के बाद कलियुग के अंत से पहले कल्कि को छोड़कर किसी भी अवतार का कोई प्रसंग प्राप्त नहीं होता है । कलियुग की समाप्ति में अभी 432000-5115 = 426885 सौर-वर्ष शेष रहते हैं । अतः शिर्डी वाले साईं बाबा को विष्णु का अवतार मानने का कोई औचित्य नहीं है 

5. भगवान् राम के कनिष्ठ पुत्र लव के कुल में जन्म लेने वाले प्रतापी विभूति गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज की महानता और राष्ट्रभक्ति को किसी भी प्रकार से कम नहीं आँका जा सकता । ऐसे राष्ट्र उन्नायक अपनी कृति "विचित्र नाटक" 6/32-33 में लिखते हैं :

       जो हमको परमेसर उचरीहैं । ते सभ नरक कुंड महि परिहैं 
       मो को दास तवन का जानो । या मै भेद न रंच पछानो ।।32।।
    
      मै हो परम पुरख को दासा । देखन आयो जगत तमासा 
      जो प्रभ जगती कहा सो कहिहों । मृतलोक ते मौन न रहिहों ।।33।।

इन वचनों से स्पष्ट है की गुरु जी की सैधांतिक दृष्टी में उन्हें परमेश्वर कहने-मानने वाले सभी भक्त लोग नरक कुण्ड को प्राप्त होने योग्य हैं । अतः इस सिद्धांत से शिर्डी के साईं बाबा को परमेश्वर भगवान् अथवा वैष्णव अवतार मानने वाले साईं-भक्त नरकगामी होने से भला कैसे छूट सकते हैं ?

जहाँ तक कण-कण में ईश्वर की व्यापकता को आधार बनाकर बात का बतंगड़ बनाने का प्रश्न है तो इस विषय में पते की बात यह है की परमेश्वर प्रत्येक कण में व्याप्त अवस्य होता है किन्तु सुस्पष्ट है की इस पर भी कण परमेश्वर नहीं कहलाया जा सकता । अतः इस दृष्टी से भी साईं बाबा को परमेश्वर या भगवान् माने का कोई औचित्य नहीं है !

सनातन धर्म की जय ! जय हिन्दू राष्ट्र !
Email : drsrai@yahoo.com

Thursday, April 3, 2014

सेबी प्रमुख यू. के. सिन्हा का कार्यकाल बढाना और सहारा प्रमुख को जेल भेजने का रहस्य क्या है ?

डॉ संतोष राय 
अखिल भारत हिन्दू महासभा 
Email : drsrai@yahoo.com

सेबी अध्यक्ष यूके सिन्हा को दो साल का सेवा-विस्तार मिला है। वित्त मंत्रालय की एक अधिसूचना के अनुसार अब वह अब 2016 तक इस पर पर रहेंगे। सूत्रों से ज्ञात हुआ है की सिन्हा वित्त मंत्री पी. चिंदम्बरम के करीबी भी हैं और इस इसका उन्हें लाभ मिला !

यह सेवा विस्तार 18 फरवरी 2016 तक प्रभावी रहेगा। पिछले तीन साल से सेबी के प्रमुख के पद पर तैनात सिन्हा के कार्यकाल में पूंजी बाजार में कुछ के लिए कई बड़े कदम उठाए गए।

इनमें बाजार की दृष्टि से संवेदनशील सूचनाओं का नियमित प्रकाशन और मर्चेंट बैंकर्स के लिए बाजार में कारोबार के नियम कड़े करने तथा विदेशी निवेशकों की नई श्रेणी को मान्यता देना शामिल है।

सिन्हा के तीन पूर्ववर्तियों - सी बी भावे, एम दामोदरन और जी एन वाजपेयी का कार्यकाल तीन साल का ही था। सिर्फ डी आर मेहता ने 1995 से 2002 तक सबसे अधिक लंबे समय तक सेबी के अध्यक्ष के तौर पर काम किया।

सेबी प्रमुख सिन्हा ने कभी उन कम्पनियों पर कार्यवाही नहीं की जो की अवैध तरीके से धन उगाही की और उन कम्पनियों के कर्ता-धर्ता कांग्रेस से जुड़े थे ! सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय के मामले में सेबी ने सुप्रीम कोर्ट को गुमराह किया है और पिछली तारीखों पर सुप्रीम कोर्ट ने सहारा की संपत्तियों की पूरी डिटेल देने को कहा और सेबी से कहा की वो इन संपत्तियों को बेचकर लोगों का धन वापस करे जिसे सेबी ने तब मान भी लिया था लेकिन अचानक सेबी में कौन सा बदलाव आ गया की वह इन संपत्तियों को न तो बेचेगी और सहारा प्रमुख को जेल भी जाना पड़े ! यहाँ तो यह हुआ को सौ जूते भी खाए और सौ प्याज भी खाए !

यदि सहारा प्रमुख अपराधी हैं तो अब तक सेबी क्या कर रही थी और क्या सहारा प्रमुख ने कांग्रेस पार्टी को चंदा नहीं दिया होगा ! भारत में लाखों विदेशी कम्पनिया भारत के नागरिकों को लुट रही है तब सेबी कहाँ चला जाता है ! विजय माल्या ने अब तक बैंकों का कर्ज नहीं चुकाया है और भारत का वित्त मंत्री चुप है और किंगफ़िशर के कर्मचारियों को अब तक वेतन नहीं मिला यहाँ तक की किंगफिशर के शेयर धारकों के साथ भी धोखा हुआ ! 

सेबी और सेबी के अधिकारी अमेरिका के पिट्ठू बन गए हैं और अब सेबी राष्ट्रविरोधी कार्यों में लिप्त हो चुकी है ! सेबी प्रमुख सिन्हा का बहिष्कार करो !

Wednesday, March 19, 2014

कश्मीर की समस्या के समाधान हेतु मूल मन्त्र !

१.धारा ३७० की तत्काल समाप्ति !

२.पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर पर बल-पूर्वक कब्ज़ा कर भारत में विलय और वहां की जनता को पाकिस्तान में धकेला जाय !

३.कश्मीर की सीमाओं पर सेवा-निवृत हुए सैनिकों व अर्ध-सैनिकों के लोगों को भूमि देकर बसाया जाय !

४.कश्मीर में बनी आतंकियों की पनाहगार मस्जिदों व मदरसों को ढहाया जाय !

५.अलगाववादियों को देखते ही गोली मारी जाय न की गिरफ्तार कर मुकदमा चलाया जाय !

६.काश्मीर में बसे सभी पाकिस्तानियों व बांग्लादेशियों को गोली मार दी जाए !

७.जिनके पूर्वज हिन्दू थे और वे शुद्धि द्वारा सनातन धर्म में आना चाहते हैं उनका स्वागत हो !

८.काश्मीर से विस्थापित सभी हिन्दुओं को दुबारा से वहां बसाया जाय !

९.काश्मीर में वैदिक विद्यापीठों व आश्रमों, मंदिरों, मठों व गुरुद्वारों की स्थापना !

यह तभी संभव है जब केंद्र में हिन्दू राष्ट्र की घोषणा करने वाले दल की सरकार होगी !

हिन्दुस्थान स्थानीय लोगों का नहीं किसी के बाप का !

जय हिन्दू राष्ट्र ! जय भवानी ! जय शिवाजी ! वन्देमातरम !

हिन्दू महासभा प्रचंड हो भारत देश अखंड हो !

डॉ संतोष राय
वरिष्ठ नेता :- अखिल भारत हिन्दू महासभा

Tuesday, March 18, 2014

बहुचर्चित दीपक भारद्वाज के हत्याकाण्ड का फरार मुख्य आरोपी प्रतिभानंद ने कब्ज़ा करवाया था हिन्दू महासभा भवन !

नीचे दिया हुए चेहरे को पहचान लो इस बहरूपिये का नाम है प्रतिभानंद और इसी ने दिल्ली के एक नेता दीपक भारद्वाज की हत्या करवाई थी और इस बहरूपिये ने अपना हुलिया बाबा रामदेव जैसा बना रखा था और लोग धोखा भी खा जाते थे ! हिन्दू महासभा भवन के एक हिस्से पर दिनाकं 4 जून 2006 को प्रतिभानंद ने अपने गुर्गों चंद्रप्रकाश कौशिक, मुन्ना कुमार शर्मा व विरेश त्यागी द्वारा कब्ज़ा करवाने में विशेष भूमिका भी निभाई थी ! इसने अपनी फर्जी हिन्दू महासभा की समिति बनवाकर अपने गुर्गे चन्द्रप्रकाश कौशिक को अध्यक्ष बनाकर खुद भी इसका सदस्य बन गया था और कभी यही प्रतिभानंद स्वामी चक्रपाणी का भी साथी था ! दिनांक 4 जून 2006 के दस्तावेजों में प्रतिभानंद के हस्ताक्षर भी हैं और फोटोग्राफ भी हैं और तब इसी भवन के हिस्से पर से प्रतिभानंद स्वयं और अपने गुर्गों द्वारा अपनी अपराधिक कार्यवाहियों को अंजाम देता था !

प्रतिभानंद ने दीपक भारद्वाज की हत्या के लिए दीपक भारद्वाज के बेटे से ही हत्या की सुपारी ली थी और हत्या से कुछ दिनों पूर्व दिल्ली में अश्वमेघ यज्ञ का आयोजन किया गया था श्री नरेन्द्र मोदी जी को प्रधान मंत्री बनाने के लिए और उस कार्यक्रम के खर्चे का वहन श्री दीपक भारद्वाज जी ने ही किया था ! चूँकि श्री दीपक भारद्वाज बहुजन समाज पार्टी के नेता थे लेकिन वो पार्टी हित से ऊपर उठकर कार्य भी करते थे तथा धर्म-कर्म पर काफी खर्चा भी करते थे !

दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा और थाना मंदिर मार्ग ने फर्जी राष्ट्रिय अध्यक्ष चन्द्रप्रकाश कौशिक से इस हत्याकाण्ड में पूछताछ की थी और सूत्रों से ज्ञात हुआ की पुलिस से लेन-देन करके व कांग्रेस के आला नेताओं के दबाब के बाद मामले को रफा-दफा करवा दिया गया और चन्द्र-प्रकाश कौशिक ने मीडिया को गुमराह कर यह बताया की प्रतिभानंद ने हिन्दू महासभा के एक कमरे पर कब्ज़ा किया हुआ था और पिछले ढेड़ साल से रह रहा था और यही बात उसने पुलिस को भी बताई जबकि पुलिस सत्य को जानती थी ! यह हत्या 26 मार्च 2013 को हुई थी और चन्द्र प्रकाश कौशिक के मुताबिक प्रतिभानंद पिछले ढेड़ वर्ष से यानि 2011 से हिन्दू महासभा भवन में रह रहा था तो दिनांक 4 जून 2006 के जो दस्तावेज प्राप्त हुए हैं उसमे वह उस फर्जी हिन्दू महासभा का सदस्य भी है फिर तो प्रतिभानंद तभी से भवन में मौजूद है और कौशिक ने मीडिया व पुलिस को गुमराह भी किया !प्रतिभानंद के कांग्रेस व मुस्लिम लीग के नेताओं से अच्छे सम्बन्ध थे और यह फर्जी बाबा रामदेव का हुलिया बनाकर राजनेताओं के पास घूमता था और दिनांक 4 जून 2006 से इसका निवास बना कब्ज़ा किया हुआ हिन्दू महासभा भवन का कार्यालय और इसी फर्जी हिन्दू महासभा पर न्यायलय की अवमानना की कार्यवाही भी चल रही है !

अभी तक ये बहरूपिया फरार है और यह भी हो सकता है प्रतिभानंद नेपाल, भूटान, बांग्लादेश, पाकिस्तान, चीन या म्यांमार में कहीं छुपा हो और अब इसके भारत आने की उम्मीद भी नहीं दिखती ! दिल्ली पुलिस और अपराधियों व सत्ताधारी नेताओं का गठजोड़ आपके सामने है और अरबपति दीपक भारद्वाज हत्याकांड का फरार मुख्य आरोपी इनके हाथ कभी नही लगने वाला !




डॉ संतोष राय : पूर्व अध्यक्ष केन्द्रीय उच्चाधिकार समिति-हिन्दू महासभा 
ईमेल : drsrai@yahoo.com , abhindumahasabha@gmail.com