Sunday, March 17, 2013

मुलायम पुत्र के राज में हिन्‍दुओं पर कहर जारी है



डॉ0 संतोष  राय

अखिलेश राज में हिन्‍दुओं के बेटियों की इज्‍जत तार-तार हो रही है

 कासगंज, 0 प्र0। उत्‍तर प्रदेश में जबसे अखिलेश राज आया है तबसे मानो हिन्‍दुओं पर जुल्‍मों-सितम की एक बाढ़ सी आ गयी है। अखिलेश राज हिन्‍दुओं को मुगलकाल की याद ताजा कर रही है। 12 मार्च 2013 को शाम करीब 4 बजे एक हिन्‍दू बच्‍ची का निर्ममता पूर्वक बलात्‍कार किया गया। लड़की लहूलुहान होकर बेहोश हो गयी। उसे अस्‍पताल ले जाया गया जहां डॉक्‍टरों ने बलात्‍कार की पुष्टि कर दी। जिस युवक ने बलात्‍कार किया वो विशेष संप्रदाय का था। पीडि़त बच्‍ची एक मजदूर की बेटी थी, उसका बाप तम्‍बाकू के कारखाने में मजदूरी करके किसी तरह जीवन-यापन करता था। 

बलात्‍कार की यह घटना थाना पटियाली जिला कासगंज उत्‍तर प्रदेश का है।
पुलिस ने किसी तरह से एफ0 आई0 आर दर्ज करके मोहम्‍मद मुवीन सैफी नाम के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, आरोपी की गिरफ्तारी पर मुसलमानों ने जमकर हंगामा बरपाया। मगर मौलवियों व मुल्ला अखिलेश यादव की पुलिस ने मीडिया को फटकने तक नही दिया। बलात्‍कार के आरोपी मुवीन सैफी की उम्र 25 साल है। अदालत में सैकड़ों मुसलमान आरोपी बलात्‍कारी को बचाने आ गये थे। मुवीन सैफी की नजर पीडि़ता के दूसरे एक और बहन जिसकी उम्र 10 वर्ष की थी उस पर थी मगर वो घटना के दिन कही अन्‍यत्र गयी हुयी थी। इसलिये मुवीन सैफी ने उस 5 साल की मासूम हिन्‍दू बच्‍ची की इज्‍जत को तार-तार कर दिया।

ज्ञात रहे कि 15 मार्च 2012 को मुल्‍ला मुलायम के सुपुत्र अखिलेश यादव ने यूपी की बागडोर संभाली थी और शपथ ली थी कि वो उत्‍तर प्रदेश की तस्‍वीर बदल देंगे। उन्‍होंने कहा था कि प्रदेश अपराध मुक्‍त होगा। मगर उनकी इस शपथ के सिर्फ 100 दिन बाद यानी कि 26 जून 2012 तक के आंकड़ों पर ध्‍यान दें तो यूपी में बलात्‍कार की 1164, हत्‍या की 370 , लूट के 920 और अपहरण के 356 मामले सामने आये।

अब चुकि उनकी सरकार 365 दिन पूरा कर लिया है तो सारे आंकड़ों को तीन गुना कर देना चाहिए। अखिलेश राज में हिन्‍दुओं पर अत्‍याचार की एक आंधी आ गयी है। मुसलमानों का दुस्‍साहस काफी बढ़ गया है। हिन्‍दुओं को ऐसा लग रहा है मानों मुगलकाल के औरंगजेबी शासन में जी रहे हैं।
पीड़िता की हालत अब भी नाजुक है और में लगातार वहां के डाक्टर के संपर्क में हूँ और पल-पल की जानकारी मिल रही है !

Wednesday, March 6, 2013

हराम और हलाल इस्लाम का कमाल !


डॉ0 संतोष राय

सभी लोग अच्छी तरहसे जानते हैं कि भारत के मुसलमान हमेशा "वन्देमातरम " का विरोध करते हैं . और कहते हैं कि ऐसा बोलना हराम है .यानि पाप है .इस्लाम में जायज -नाजायज ,वैध -अवैध अर्थात हलाल और हराम की बड़ी विचित्र और तर्कहीन अवधारणा है ,जो कुरान ,हदीसों ,और मुफ्तियों द्वारा समय समय पर दिए फतवों के आधार पर तय की जाती है . जिसे मानना हर मुसलमान के लिए अनिवार्य होता है . वर्ना उसे काफ़िर समझा जाता है .इसलिए मुसलमान हमेशा हर विषय हराम और हलाल के आधार पर ही तय करते हैं , चाहे वह देश के संविधान या कानून के विरुद्ध ही क्यों न हो .वह विना समझे अंधे होकर उसका पालन करते हैं .
इस संक्षिप्त से लेख में कुरान ,हदीसों ,फतवों ,और समाचारों में प्रकाशित खबरों से चुन कर एक दर्जन ऐसे मुद्दे दिए जा रहे हैं , जिनको पढ़ कर प्रबुद्ध पाठक ठीक से समझ जय्र्गे कि इस्लाम के अनुसार हराम क्या है ,और हलाल क्या है .
1 -अल्लाह का नाम लिए बिना जानवर को मारना हराम है .
लेकिन जिहाद के नाम से हजारों इंसानों का क़त्ल करना हलाल है .

2-यहूदियों ,ईसाइयों से दोस्ती करना हराम है .
लेकिन यहूदियों ,ईसाईयों का क़त्ल करना हलाल है .
3-टी वी और सिनेमा देखना हराम है .
लेकिन सार्वजनिक रूप से औरतों को पत्थर मार हत्या करते हुए देखना हलाल है .
4-किसी औरत को बेपर्दा देखना हराम है .
लेकिन किसी गुलाम औरत को बेचते समय नंगा करके देखना हलाल है .
5-शराब का धंदा करना हराम है .
लेकिन औरतों ,बच्चों को गुलाम बना कर बेचने का धंदा हलाल है .
6-संगीत सुनना हराम है .
लेकिन जिहाद के कारण मारे गए निर्दोष लोगों के घर वालों की चीख पुकार सुनना हलाल है .
7घोड़ों की दौड़ पर दाव लगाना हराम है .
लेकिन काफिरों के घोड़े चुरा कर बेचना हलाल है
8-औरतों को एक से अधिक पति रखना हराम है .
लेकिन मर्दों लिए एक से अधिक पत्नियाँ रखना हलाल है .
9-चार से अधिक औरतें रखना हराम है .
लेकिन अपने हरम में सैकड़ों रखेंलें रखना हलाल है .
10किसी मुस्लिम का दिल दुखाना हराम है .
लेकिन किसी गैर मुस्लिम सर कटना हलाल है .
11-औरतों के साथ व्यभिचार करना हराम है .
लेकिन जिहाद में पकड़ी गयी औरतों के साथ सामूहिक बलात्कार करना हलाल है .
12-जब किसी औरत की पत्थर मार कर हत्या की जारही हो ,तो उसे बचाना हराम है .
जब उसी अपराध के लिए औरत को जिन्दा जलाया जा रहा हो ,तमाशा देखना हलाल है .
इन थोड़े से मुद्दों को ध्यान से पढ़ने से उन लोगों की आँखें खुल जाना चाहिए तो इस्लाम को शांति का धर्म समझ बैठे हैं .इसलिए "भंडाफोडू " ब्लॉग पिछले चार सालों से अपने प्रमाण सहित लेखों के माध्यम से देश प्रेमी लोगों को इस्लाम से सचेत करता आया है . ताकि भूले से भी कोई व्यक्ति जकारिया नायक जैसे धूर्त के जाल में नहीं फसे .जिनको भी इस लेख के सम्बन्ध में इस्लामी किताबों के प्रमाण चाहिए वह "भंडाफोडू " के सभी लेख पढ़ने का कष्ट करें .
ऐसे कमाल के तर्कहीन इस्लाम से जितनी दूरी बनाये रखोगे उतने ही निरापद रहोगे !!

http://www.faithfreedom.org/Articles/AyeshaAhmed20729.htm

आप इस आर्टिकल को  यहां भी पढ़ सकते हैं: भंडाफोडू